देश की खबरें | द्रमुक सरकार ने राज्यपाल से पूर्व अन्नाद्रमुक मंत्रियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने की अपील की

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चेन्नई, पांच जुलाई तमिलनाडु सरकार ने राजभवन से बुधवार को अपील की कि राज्यपाल आर एन रवि को पूर्ववर्ती अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सरकार के पूर्व मंत्रियों पर मुकदमा चलाने तथा उनके पास लंबित 13 विधेयकों को मंजूरी देने में और देरी नहीं करनी चाहिए।

तमिलनाडु के कानून मंत्री एस रघुपति ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा है कि गुटखा घोटाले से जुड़े मामले में आगे कोई कदम उठाया नहीं जा सका है, क्योंकि पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार (2016-21) के दौरान मंत्री रहे सी. विजय भास्कर और बी वी रमना पर मुकदमा चलाने की मंजूरी को लेकर सीबीआई के अनुरोध पर राजभवन से जवाब नहीं मिला है।

राज्य मंत्रिमंडल ने 12 सितंबर, 2022 को मंजूरी संबंधी सीबीआई का अनुरोध राज्यपाल के पास भेजा था। यह केंद्रीय जांच एजेंसी इस घोटाले की जांच कर रही है, जिसमें गुटखा कंपनियों द्वारा कथित रूप से रिश्वत दी गयी थी। विजयभास्कर और रमना आरोपियों की सूची में शामिल हैं।

कानून मंत्री ने कहा कि इसी तरह सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार में मंत्री रहे के. सी. वीरामणि और एम. आर. विजयभास्कर पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी। यह मामला भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है।

डीवीएसी का अनुरोध स्वीकार करते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने 12 सितंबर, 2022 तथा 15 मई, 2023 को अनुमोदन की मांग करते हुए संबंधित पत्रों को आगे भेज दिया था।

एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, रघुपति ने अपने पत्र में कहा है कि राज्यपाल ने अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े किसी भी मामले में अभी तक अभियोजन मंजूरी नहीं दी है, फलस्वरूप मामले की सुनवाई शुरू नहीं हो पायी है।

अभियोजन मंजूरी के लंबित रहने के मुद्दे के अलावा तमिलनाडु विधानसभा से पारित 13 विधेयक भी राज्यपाल की मंजूरी के लिए राजभवन में अटके हुए हैं।

मंत्री ने कहा कि इन विधेयकों में से दो तो तीन साल से अधिक समय से अटके हैं। उनका इशारा इस ओर था कि ये विधेयक अन्नाद्रमुक शासनकाल के हैं।

कानून मंत्री ने अनुरोध किया कि इसलिए रवि को अभियोजना मंजूरी के लिए लंबित फाइलों तथा विधानसभा से पारित विधेयकों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

भााषा

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