विदेश की खबरें | जेएसपी में विभाजन से प्रचण्ड सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा: उपप्रधानमंत्री उपेंद्र
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. नेपाल के उपप्रधानमंत्री और जनता समाजवादी पार्टी-नेपाल (जेएसपी-एन) के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने बुधवार को कहा कि उनके विदेश में रहने के दौरान उनकी पार्टी को विभाजित करने के "असंवैधानिक कदम" के खिलाफ वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
काठमांडू, आठ मई नेपाल के उपप्रधानमंत्री और जनता समाजवादी पार्टी-नेपाल (जेएसपी-एन) के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने बुधवार को कहा कि उनके विदेश में रहने के दौरान उनकी पार्टी को विभाजित करने के "असंवैधानिक कदम" के खिलाफ वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
यादव ने यह भी कहा कि पार्टी में विभाजन से गठबंधन सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल प्रचण्ड के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल जेएसपी-एन इस सप्ताह की शुरुआत में विभाजित हो गई थी। उस समय यादव एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अमेरिका में थे।
चुनाव आयोग ने सोमवार को अशोक राय के नेतृत्व वाले जेएसपी-एन के एक गुट को आधिकारिक तौर पर एक नए राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दे दी।
यादव ने बालकुमारी में संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मेरी अनुपस्थिति में पार्टी को गैरकानूनी तरीके से विभाजित किया गया था। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से प्रेरित यह विभाजन असंवैधानिक है।"
उन्होंने कहा कि वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे क्योंकि पार्टी का विभाजन "अवैध और असंवैधानिक" है।
उन्होंने अशोक राय द्वारा जनता समाजबादी पार्टी नाम से नई पार्टी बनाने के कदम को "सत्ता की भूख और अहंकारी रवैये से रची गई साजिश" करार दिया।
वरिष्ठ मधेसी नेता यादव ने कहा कि उनकी पार्टी प्रचण्ड के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से अलग नहीं होगी।
उन्होंने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री से बात की और गठबंधन सरकार को अपनी पार्टी का समर्थन जारी रखने का आश्वासन दिया।"
यादव ने दावा किया कि उनकी पार्टी के ज्यादातर सांसद उनके साथ हैं और उन्हें पार्टी की केंद्रीय कार्य समिति में दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने इस अफवाह को भी खारिज कर दिया कि वह प्रचण्ड के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के लिए शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस और माधव कुमार नेपाल की अगुवाई वाली सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट के साथ बातचीत कर रहे थे।
जेएसपी-एन में विभाजन से पहले 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 154 सीट थीं जो बहुमत के 138 के आंकड़े से 16 अधिक हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2024 06:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

