देश की खबरें | दिविवि प्रवेश परीक्षा : सेंट स्टीफेंस, जीसस मेरी ने अल्पसंख्यक आरक्षण पर कुलपति से स्पष्टीकरण मांगा

नयी दिल्ली, एक अप्रैल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए इस साल से साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) अनिवार्य किए जाने की पृष्ठभूमि में सेंट स्टीफेंन कॉलेज और जीसस एंड मेरी कॉलेज (जेएमसी) ने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर दाखिला प्रक्रिया में स्पष्टता की मांग की है।

ये दोनों कॉलेज अल्पसंख्यक संस्थाएं हैं और इनमें 50 फीसदी सीटें ईसाई छात्रों के लिए सुरक्षित हैं।

अभी तक ये दोनों कॉलेज दाखिले के लिए अपना-अपना कटऑफ जारी करते थे और सेंट स्टीफेंस साक्षात्कार भी लिया करता था।

दिविवि की वैधानिक संस्था ने कहा है कि इन दोनों कॉलेज की भांति सभी अल्पसंख्यक संस्थानों में भी दाखिला सीयूईटी के माध्यम से होगा।

सेंट स्टीफेंन के प्राचार्य जॉन वर्गिस ने कहा, ‘‘मैंने ईमेल के माध्यम से दाखिला प्रक्रिया पर स्पष्टता की मांग की है। हमें सीयूईटी से कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि या तो यह बोर्ड परीक्षा के अंक हैं या फिर सीयूईटी के। अगर विश्वविद्यालय ने ऐसा कहा है तो, हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है।’’

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि उनका कार्यालय सेंट स्टीफेंन को पत्र लिखकर स्पष्ट करेगा कि सामान्य श्रेणी में दाखिले के लिए सीयूईटी के अंक को ध्यान में रखें जबकि अल्पसंख्यकों के मामले में वह सीयूईटी को 85 प्रतिशत और बाकी 15 प्रतिशत अंक साक्षात्कार को दे सकता है।

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