शव दफनाने को लेकर हुआ विवाद, प्रशासन ने शांत कराया
पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि आजमगढ़ जिले अतरौलिया क्षेत्र स्थित जमीन दशांव गांव के पास मंगलवार की भोर हुए सड़क हादसे में कोपागंज थाना क्षेत्र के तीन युवकों मौलाना मोहम्मद अली मुहम्मदी (28), नजरुल हसन (25) तथा एक अन्य की मौत हो गयी। ये युवक लखनऊ के गोलागंज में स्थित शिया समाज के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान व मदरसा तंज़ीमुल मकातिब के छात्र थे।
मऊ (उप्र), 19 मई मऊ जिले के कोपागंज क्षेत्र में शव दफनाने को लेकर शिया—सुन्नी समुदाय के लोगों के आमने—सामने आ जाने से तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस तथा राजस्व अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालांकि मामला शांत कराया।
पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि आजमगढ़ जिले अतरौलिया क्षेत्र स्थित जमीन दशांव गांव के पास मंगलवार की भोर हुए सड़क हादसे में कोपागंज थाना क्षेत्र के तीन युवकों मौलाना मोहम्मद अली मुहम्मदी (28), नजरुल हसन (25) तथा एक अन्य की मौत हो गयी। ये युवक लखनऊ के गोलागंज में स्थित शिया समाज के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान व मदरसा तंज़ीमुल मकातिब के छात्र थे।
इधर, तीनों युवकों के मौत के बाद शव दफनाने को लेकर खोदी जा रही कब्र को लेकर शिया और सुन्नी समुदायों के दो पक्षों में विवाद हो गया। सुन्नी समुदाय ने कब्र खोदने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर तनाव व्याप्त हो गया।
मामले में शिया समुदाय का कहना था कि वे लोग पहले से ही यहां शव दफनाते आ रहे हैं। वहीं, सुन्नी समुदाय का आरोप था कि शिया समुदाय जानबूझकर विवाद पैदा कर रहा है। उनका कहना था कि पहले भी कब्रिस्तान में शव दफनाने की जगह को लेकर विवाद हो चुका है और प्रशासन शिया समुदाय को भी विवादित कब्रिस्तान में एक तरफ चिन्हित कर समझौता करा चुका है।
बहरहाल, सूचना पाकर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी सदर अतुल्य वत्स और पुलिस अधिकारियों ने दोनों समुदाय के लोगों को समझाया—बुझाया, जिसके बाद शव दफनाने के लिए लिए राजी हुए।
मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज यादव का कहना है कि अस्थाई तौर से शव दफनाने के लिए दोनों समुदाय के लोगों को इस बात का आश्वासन देकर राजी कर लिया गया है कि बाद में कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर हमेशा होने वाले भी बात का स्थाई समाधान निकाल लिया जाएगा।
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