पणजी, दो मई बम्बई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने मंगलवार को गोवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गिरीश चोडणकर की उस याचिका का निस्तारण कर दिया, जिसमें राज्य विधानसभा के अध्यक्ष को आठ विधायकों के खिलाफ लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर समयबद्ध तरीके से फैसला करने के निर्देश की मांग की गई थी।
चोडणकर के वकील अभिजीत गोसावी के अनुसार, खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि चूंकि विधानसभा अध्यक्ष रमेश तावडकर ने एक हलफनामे के जरिये आश्वस्त किया है कि वह याचिकाओं पर जल्द से जल्द फैसला करेंगे, इसलिए वह याचिका पर कोई निर्देश नहीं देगी।
उन्होंने कहा कि याचिका में प्रमुख दलील यह थी कि अदालत को विधानसभा अध्यक्ष को 2022 में आठ बागी कांग्रेस विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने का निर्देश देना चाहिए।
गोसावी के अनुसार, तावडकर ने पीठ के समक्ष अपनी दलील में कहा था कि उच्च न्यायालय उन्हें समयबद्ध तरीके से याचिकाओं पर फैसला करने का निर्देश नहीं दे सकता।
उन्होंने कहा कि अदालत ने मंगलवार को कहा कि अध्यक्ष एक न्यायाधिकरण के रूप में कार्य करते हैं और इसलिए, वह (अदालत) उन्हें याचिकाओं पर फैसला करने का निर्देश दे सकती है और यह उचित समय के भीतर किया जाना चाहिए।
अदालत ने माना है कि मौजूदा मामले में अध्यक्ष ने अपने हलफनामे में कहा है कि वह पहले से ही गोवा कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष अमित पाटकर द्वारा उन्हीं विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में हैं, इसलिए वह कोई आदेश देने की इच्छुक नहीं है।
गोसावी के अनुसार, याचिकाओं पर निर्णय लेने के लिए कोई अधिकतम समय सीमा देने से इनकार करते हुए अदालत ने कहा कि हलफनामे में अध्यक्ष द्वारा दिए गए बयान का पालन किया जाएगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY