विदेश की खबरें | दुबई में जलवायु परिवर्तन वार्ता में जीवाश्म ईंधन पर चर्चा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. जीवाश्म ईंधन के उत्पादक देशों में शामिल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के ऊर्जा मंत्री सुहैल अल-मजरुई ने दुबई में आयोजित एक ऊर्जा फोरम में कहा, ‘‘इस समय हमें निश्चित रूप से सभी उपलब्ध संसाधनों को शामिल करने की आवश्यकता है।’’
जीवाश्म ईंधन के उत्पादक देशों में शामिल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के ऊर्जा मंत्री सुहैल अल-मजरुई ने दुबई में आयोजित एक ऊर्जा फोरम में कहा, ‘‘इस समय हमें निश्चित रूप से सभी उपलब्ध संसाधनों को शामिल करने की आवश्यकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम नजरअंदाज नहीं कर सकते, न ही कह सकते हैं कि हम कुछ चुनिंदा उत्पादों का उत्पादन बंद करने जा रहे हैं। यह सही वक्त नहीं है, वजह चाहे जो भी हो, लेकिन इससे दुनियाभर के करोड़ों लोगों के लिए कीमतें काफी ज्यादा हो जाएंगी।’’
पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन करने वाले 13 देशों के संगठन ‘ओपेक’ के महासचिव मोहम्मद सनुसी बरकिंदो ने कहा कि मिस्र में प्रस्तावित आगामी संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता यानी काप-27 और अगले साल यूएई में होने वाली काप-28 में उत्पादक समावेश के मुद्दों से निपट सकते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई क्षेत्र पीछे न रहे।
उन्होंने कहा कि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखना और तेल एवं गैस की भूमिका ‘‘परस्पर समावेशी नहीं है।’’
औद्योगिकीकरण से पहले के मुकाबले हुई तापमान वृद्धि एक मानदंड है तथा वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे अधिक तापमान वृद्धि से दुनियाभर के लोगों को और अधिक गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की अंतरसरकारी समिति और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जीवाश्म ईंधन ढांचे में कोई नया निवेश नहीं होना चाहिए और जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाना चाहिए।
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