देश की खबरें | दिल्ली के निजी अस्पतालों के सामने ऑक्सीजन की सीमित आपूर्ति के कारण मुश्किल

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल दिल्ली के कई निजी अस्पतालों को बृहस्पतिवार को भी लगातार तीसरे दिन कोविड-19 मरीजों के वास्ते ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ा। ऐसे में कई अस्पतालों ने प्रशासन से मरीजों को अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने का आग्रह किया है।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि इनमें से कुछ अस्पताल अल्प अवधि के लिए कुछ इंतजाम करने में समर्थ हैं। हालांकि, इस संकट का तत्काल कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को बृहस्पतिवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी के छह अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हो गयी है।

केन्द्रीय मंत्री को लिखे गए पत्र में सिसोदिया ने इंगित किया है कि सरोज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, शांति मुकुंद, तीरथ राम शाह अस्पताल, यूके नर्सिंग होम, राठी अस्पताल और सैंटम अस्पताल के पास ऑक्सीजन का स्टॉक समाप्त हो गया है।

इस बीच, सर गंगा राम अस्पताल ने सरकार को सूचित किया है कि बृहस्पतिवार रात आठ बजे अस्पताल के पास केवल पांच घंटे की ऑक्सीजन बची है।

एक अधिकारी ने कहा, '' स्टोर में जो ऑक्सीजन उपलब्ध है, वह केवल पांच घंटे के उपयोग के लिए बची है। हमें तत्काल ऑक्सीजन आपूर्ति की आवश्यकता है।''

वहीं, पूर्वी दिल्ली में 200 बेड वाले शांति मुकुंद अस्पताल के प्रशासन ने मुख्य द्वार पर एक नोटिस लगाया है जिसमें लिखा है, ‘‘हमें खेद है कि हम अस्पताल में मरीजों की भर्ती रोक रहे हैं क्योंकि ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो रही है।’’

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार रात को केंद्र को आदेश दिया कि वह ‘तुंरत’ ऑक्सीजन की उन अस्पतालों को आपूर्ति करे, जहां उसकी जरूरत है और जहां पर कोविड-19 के उन मरीजों का इलाज हो रहा है, जिनकी हालत गंभीर है।

अदालत ने टिप्पणी की कि ‘‘ऐसा लगता है कि राज्य के लिए इन्सानों की जान की कोई कीमत नहीं है’’।

केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि वह दिल्ली को आवंटित 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था करेगी और यह बिना किसी बाधा के दिल्ली पहुंचेगी।

हालांकि, कई निजी अस्पतालों ने शिकायत की कि उन तक कोई मदद नहीं पहुंची है।

रोहिणी के सरोज अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गयी है। अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘बैकअप भी अधिक समय तक नहीं चलेगा। अभी अस्पताल के 120 मरीजों में से 70 की हालत गंभीर है।’’

उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल में समय से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुयी तो कई जानें जा सकती हैं।

शांति मुकुंद अस्पताल के एक अधिकारी ने ‘पीटीआइ-’ से कहा कि वे अपने ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अस्पताल में अभी कोरोना वायरस के 110 मरीज हैं। हमारे पास मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।’’

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