देश की खबरें | जाति आधारित सर्वेक्षण का विरोध नहीं किया: शिवकुमार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने जाति आधारित जनगणना का विरोध नहीं किया है लेकिन चाहते हैं कि इसे वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से किया जाए।

बेलगावी (कर्नाटक), 12 दिसंबर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने जाति आधारित जनगणना का विरोध नहीं किया है लेकिन चाहते हैं कि इसे वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से किया जाए।

इससे पहले कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर शिवकुमार के रुख पर कथित तौर पर नाखुशी जताई थी।

राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने उस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें सरकार से जाति जनगणना को रद्द करने का आग्रह किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने सोमवार को कहा था, “ इस पर सभी ऊंची जातियां एकजुट हैं।”

उन्होंने कहा, ''मैंने कहीं भी इसका विरोध नहीं किया है। यह हमारी पार्टी की नीति है और हमारी सरकार ने कर्नाटक में यह (जनगणना) कराई है।”

उन्होंने कहा कि वे उचित जनगणना चाहते हैं, क्योंकि जनगणना बहुत व्यवस्थित तरीके से की जानी चाहिए।

सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस की तत्कालीन सरकार (2013-2018) ने 2015 में सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण शुरू किया था, जिसे "जाति जनगणना" के रूप में जाना गया।

सर्वेक्षण का काम 2018 में पूरा हो गया था जब सिद्धरमैया सरकार का पहला कार्यकाल खत्म होने की ओर था, लेकिन सर्वेक्षण स्वीकार या सार्वजनिक नहीं किया गया।

यहां पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि जाति जनगणना के दौरान उनके घर कोई नहीं आया और उन्होंने यही बात कई विधायकों से पता की।

कार्नाटक प्रदेश कांग्रेस प्रमुख शिवकुमार ने कहा, “यह व्यवस्थित रूप से होनी चाहिए, क्योंकि एक बार जनगणना होने के बाद, उन्हें (लोगों को) जनसंख्या के अनुसार उचित अधिकार मिलना चाहिए।”

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