देश की खबरें | राजस्थान में 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर धरना जारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के भरतपुर जिले में नौकरी और उच्च शिक्षा में 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर समाज विशेष के लोगों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। इन लोगों ने जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अरोदा गांव में चक्का जाम कर रखा है।
जयपुर, 14 जून राजस्थान के भरतपुर जिले में नौकरी और उच्च शिक्षा में 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर समाज विशेष के लोगों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। इन लोगों ने जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अरोदा गांव में चक्का जाम कर रखा है।
भरतपुर प्रशासन ने जिले की चार तहसीलों- नदबई, उच्चैन, वैर, भुसावर में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बुधवार सुबह 11 बजे तक निलंबित कर दिया है।
भरतपुर के संभागीय आयुक्त सांवरलाल वर्मा ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट सेवा के निलंबन की अवधि को बुधवार सुबह 11 बजे तक बढा दिया गया है।
राजस्थान के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने आरक्षण की मांग कर रहे आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं के वार्ता के लिये नहीं पहुंचने पर मंगलवार को कहा कि ताली एक हाथ से नहीं बजती.. उन्हें वार्ता के लिये आना चाहिए।
भरतपुर में संभागीय आयुक्त कार्यालय मे संवाददाताओं से बातचीत में सिंह ने कहा, ‘‘ताली दो हाथ से बजती है.. आप ताली एक हाथ से नहीं बजा सकते और वही हाल आज हो रहा है ताली एक हाथ से बजाने की कोशिश हो रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने अपनी तरफ से प्रयास किये हैं और हम बातचीत के लिये संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल का इंतजार कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा,‘‘मैं अपील करता हूं कि आप (प्रतिनिधिमंडल) भतरपुर आये ताकि आम आदमी को राहत मिल सके और आपकी बात आगे पहुंचायी जा सके। मुझे तो लगता है कि इनमें (आरक्षण संघर्ष समिति में) कोई नेता है ही नहीं। यदि मुरारी सैनी नेता बन रहे हैं तो उन्हे आगे आना चाहिए.. दिक्कत कहां है।’’
उल्लेखनीय है कि आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक मुरारी सैनी ने सरकार और प्रशासन से बातचीत के लिये एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है।
राजस्थान में 12 प्रतिशत अलग से आरक्षण देने की मांग को लेकर सैनी, माली, कुशवाहा, शाक्य, मौर्य आरक्षण संघर्ष समिति के नेतृत्व में आंदोलन शुरू किया गया। समाज के नेताओं का कहना है कि वर्तमान में इन लोगों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल किया गया है और इस श्रेणी में अन्य जातियों के होने के कारण उनके समाज को फायदा नहीं मिल रहा है।
कुंज पृथ्वी
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