देश की खबरें | धनखड़ ने धार्मिक आधार पर आरक्षण के शिवकुमार के सुझाव पर सवाल उठाया

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नयी दिल्ली, 24 मार्च उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कर्नाटक सरकार के मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण पर विचार करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने हाल में सरकारी ठेकों में मुसलमानों को आरक्षण मुहैया कराने के लिए संविधान में बदलाव करने का सुझाव दिया था।

यह मुद्दा सोमवार को संसद में गूंजा और सत्तारूढ़ भाजपा ने इस विचार पर सवाल उठाया और शिवकुमार को हटाए जाने की मांग की।

धनखड़ ने यहां राज्यसभा के प्रशिक्षुओं के एक समूह को संबोधित करते हुए और कर्नाटक का नाम लिए बिना कहा कि ‘एक राज्य’ ने संकेत दिया है कि वह किसी विशेष समुदाय को ठेके में आरक्षण देगा।

राज्यसभा के पदेन सभापति धनखड़ ने कहा, ‘‘अब संवैधानिक प्रावधानों पर गौर करें। क्या हमारा संविधान धार्मिक आधार पर किसी आरक्षण की अनुमति देता है? पता करें कि बी आर आंबेडकर ने क्या कहा था, और आपको पता चल जाएगा कि धार्मिक आधार पर कोई आरक्षण नहीं हो सकता है।’’

धनखड़ ने कहा कि संविधान में अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए एक सकारात्मक तंत्र प्रदान किया गया है।

उन्होंने कहा कि संविधान में संशोधन किया गया और आर्थिक मानदंड को आधार बनाया गया, जिसे बाद में अदालतों ने बरकरार रखा।

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