जरुरी जानकारी | डीजीएच ने तेल, गैस क्षेत्रों के लिए मंजूरी प्रक्रियाओं में बदलाव किए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. तेल-गैस खोज और उत्पादन नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय ने मंजूरी प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किया है। इससे अब हाइड्रोकार्बन से जुड़े खोज को लेकर वैधानिक मान्यता प्राप्त करने के लिए केवल वाणिज्यिक तेल या गैस खोज की स्व-प्रमाणित घोषणा की जरूरत होगी।

नयी दिल्ली, 15 अगस्त तेल-गैस खोज और उत्पादन नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय ने मंजूरी प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किया है। इससे अब हाइड्रोकार्बन से जुड़े खोज को लेकर वैधानिक मान्यता प्राप्त करने के लिए केवल वाणिज्यिक तेल या गैस खोज की स्व-प्रमाणित घोषणा की जरूरत होगी।

हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने पिछले महीने की गयी अपनी घोषणा के बाद विभिन्न दस्तावेजों को ऑनलाइन जमा करने के लिए 'मार्गदर्शन दस्तावेज' जारी किया।

डीजीएच ने कहा, "यह दस्तावेज ईएंडपी (तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन) ठेकेदारों का उत्पादन साझेदारी अनुबंध (पीएससी) जमा करने को लेकर मार्गदर्शन करने के लिए तैयार किया गया है।"

यह ऑडिटर की नियुक्ति की खातिर बैंक गारंटी और किसी क्षेत्र को छोड़ने या वाणिज्यिक तेल एवं गैस खोज को लेकर स्व-प्रमाणित दस्तावेजों की मंजूरी देता है।

साथ ही यह वैधानिक मंजूरी की जरूरत को केवल अनुबंधों के विस्तार, हिस्सेदारी की बिक्री और वार्षिक खातों तक सीमित करता है।

तेल एवं गैस खोज और उत्पादन से जुड़े मामलों को देखने वाली सरकार की तकनीकी इकाई डीजीएच ने कहा कि नई खोज लाइसेंसिंग नीति (नेल्प) के तहत नौ दौर की बोलियों के अंतर्गत आबंटित तेल एवं गैस ब्लॉक तथा नेल्प पूर्व ब्लॉक के लिये प्रक्रियाओं के सरल तथा मानकीकृत बनाया गया है।

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