जरुरी जानकारी | विदेशों में तेजी के बावजूद सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद पामोलीन और कच्चे पामतेल (सीपीओ) की खेपों का आयात सस्ता बैठने से मंगलवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में इन आयातित तेलों के भाव में गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तेल के भाव सुधार के साथ बंद हुए। बाकी अन्य तेल- तिलहनों के भाव टूटने के कारण सरसों तेल-तिलहन के भाव भी हानि दर्शाते बंद हुए।
नयी दिल्ली, 23 अगस्त विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद पामोलीन और कच्चे पामतेल (सीपीओ) की खेपों का आयात सस्ता बैठने से मंगलवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में इन आयातित तेलों के भाव में गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तेल के भाव सुधार के साथ बंद हुए। बाकी अन्य तेल- तिलहनों के भाव टूटने के कारण सरसों तेल-तिलहन के भाव भी हानि दर्शाते बंद हुए।
बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में चार प्रतिशत की तेजी है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में 1.5-2 प्रतिशत की तेजी है। इस तेजी के बावजूद नयी खेप का आयात पहले से भी सस्ता बैठने के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई है।
सूत्रों ने कहा कि विदेशी तेलों के भाव में आई गिरावट के बाद अब इसके अनुरूप देश के उपभोक्ताओं को इसका लाभ दिलाने का इंतजाम किया जाना चाहिये। सरकार को मुख्य रूप से खुदरा कारोबार करने वाली कंपनियों को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में कमी कराने की ओर ध्यान देना होगा जो लागत से 50 रुपये तक अधिक निर्धारित किये जा रहे हैं।
सूत्रों ने कहा कि बाकी तेलों के सस्ता होने की वजह से सरसों तेल-तिलहन के भाव टूट गये। उन्होंने कहा कि देश में सोयाबीन के डीआयल्ड केक (डीओसी) का स्टॉक होने के बावजूद 30 सितंबर तक आयात की छूट होने के कारण सोयाबीन तिलहन फसलों की कीमतों में गिरावट आई। सोयाबीन की नयी फसल की आवक का समय करीब आने के कारण भी गिरावट देखने को मिली। लेकिन शिकॉगो एक्सचेंज के 1.5-2 प्रतिशत मजबूत होने के कारण सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार हुआ।
सूत्रों ने कहा कि मूंगफली में कारोबार समाप्ति की ओर है और इसकी लगभग सवा महीने बाद नई फसल के आने के बाद इसके तेल-तिलहनों के भाव टूटेंगे। फिलहाल स्टॉक की कमी और मांग होने से मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया।
मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,225-7,275 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7,070 - 7,195 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,745 - 2,935 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,300-2,390 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,330-2,445 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,280 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,560 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,400 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,300 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 6,000-6,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 5,800- 5,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2022 09:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

