देश की खबरें | श्रद्धालुओं के हुजूम से परेशानियों के बावजूद धार्मिक नगरियों के लोगों में कायम है मेजबानी का जज्बा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रयागराज महाकुंभ में संगम और गंगा में डुबकी लगाकर नित नये रिकॉर्ड बना रहे श्रद्धालुओं का हुजूम वाराणसी और अयोध्या में दर्शन के लिये रोजाना पहुंच रहा है।
महाकुंभ नगर/वाराणसी/अयोध्या (उप्र), 18 फरवरी प्रयागराज महाकुंभ में संगम और गंगा में डुबकी लगाकर नित नये रिकॉर्ड बना रहे श्रद्धालुओं का हुजूम वाराणसी और अयोध्या में दर्शन के लिये रोजाना पहुंच रहा है।
प्रतिदिन करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने से संगम नगरी के साथ-साथ काशी और अयोध्या के लोगों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद उनमें श्रद्धालुओं की मेजबानी का जज्बा बरकरार है।
प्रयागराज की तरह वाराणसी और अयोध्या में भी रोजाना लाखों की तादाद में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इन धार्मिक नगरियों की सड़कों पर रोजाना जाम की स्थिति है। विकट हालात को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है, मगर लगभग हर कोई इस बात से सहमत है कि आस्था के हुजूम को दुश्वारी के रूप में देखना सही नहीं होगा।
महाकुंभ में उमड़ते जनसैलाब के कारण प्रयागराज के लोग परेशानियों को दबी जुबान से बयां करते हुए इसे खुशी खुशी आत्मसात कर रहे हैं।
सर्राफा व्यवसायी पंकज सिंह ने कहा, ''कारोबार में उतार चढ़ाव लगा रहता है लेकिन प्रयागराज को श्रद्धालुओं का सत्कार करने का अवसर अब छह साल बाद ही मिलेगा। पूरी दुनिया में इस महाकुंभ से प्रयागराज का नाम हुआ है और यह सभी के लिए गर्व की बात है।''
शहर के सोहबतिया बाग के रहने वाले महेंद्र प्रताप सिंह को आठ फरवरी को अपने भतीजे प्रतीक सिंह के प्रीतिभोज कार्यक्रम में दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि राम वाटिका में आयोजित प्रीतिभोज में 1300 लोगों को दावत दी थी, लेकिन बड़ी मुश्किल से 600 लोग ही पहुंच सके।
सिंह ने कहा, “भारी जाम की वजह से घर के पड़ोसी तक कार्यक्रम में नहीं आ सके। लेकिन कोई बात नहीं, प्रयागराज में महाकुंभ अब 12 साल बाद ही आएगा और हम लोगों का फिर से स्वागत कर सकेंगे।”
शहर के समाजसेवी बाबा अवस्थी का कहना है, “प्रयागराज वासियों का दिल बहुत बड़ा है और ऐसी छोटी मोटी दिक्कतें उनके लिए आम बात हैं। यह शहर अपनी मेहमान नवाजी के लिए जाना जाता है। स्नान पर्वों पर पूरे शहर में लोगों ने भंडारे का आयोजन इसीलिए किया कि कोई यहां से भूखा ना जाए।”
अयोध्या से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक महाकुंभ से राम लला के दर्शन करने आ रहे श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ देखी जा रही है। स्थानीय लोगों को तमाम मुश्किलें हो रही हैं लेकिन उनमें देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं की मेहमान नवाजी करने का जज्बा भी कायम है।
राम मंदिर के पास एक टेंट की दुकान के मालिक शोएब खान ने 'पीटीआई—' को बताया, ''भीड़ का दबाव निश्चित रूप से है। अयोध्या में श्रीराम अस्पताल हमारे यहां से मुश्किल से दो किलोमीटर दूर है। वहां पहुंचना काफी मुश्किल होगा। मगर तमाम असुविधाओं के बावजूद देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं की मेजबानी करने की ललक बरकरार है।''
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