एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद मूंगफली और बिनौला में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों तेल-तिलहन में सुधार देखने को मिला। जबकि वैश्विक बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद बिनौला तेल और मूंगफली तेल-तिलहन के भाव हानि के साथ बंद हुए। सामान्य कारोबार के बीच सोयाबीन, कच्चे पामतेल और पामोलीन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद मूंगफली और बिनौला में गिरावट

नयी दिल्ली, 23 मार्च दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों तेल-तिलहन में सुधार देखने को मिला। जबकि वैश्विक बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद बिनौला तेल और मूंगफली तेल-तिलहन के भाव हानि के साथ बंद हुए। सामान्य कारोबार के बीच सोयाबीन, कच्चे पामतेल और पामोलीन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग 3.5 प्रतिशत की तेजी थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में लगभग एक प्रतिशत की तेजी रही। उन्होंने कहा कि विदेशी तेलों के दाम काफी महंगे हैं और इस कारण लिवाल भी कम हैं। इन तेलों की कमी को फिलहाल सरसों से पूरा किया जा रहा है जिसका उत्पादन पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ा है। सरसों की खपत बढ़ रही है क्योंकि इसे सीधा उपयोग में लाया जा सकता है और इसका कोई प्रसंस्करण नहीं करना पड़ता है।

सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद सरसों के दबाव के कारण बिनौला तेल और मूंगफली तेल-तिलहन के भाव गिरावट के साथ बंद हुए। उन्होंने कहा कि विदेशी तेलों की मांग न होने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं। इसी प्रकार सरसों के दबाव में सोयाबीन तेल-तिलहन के भाव भी पूर्ववत बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि तेल बाजार की उठापटक सिर्फ यह संदेश दे रही है कि समस्या का स्थायी एवं सुरक्षित निदान देश में तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाना ही हो सकता है। जब देश अपनी अहम जरूरत को पूरा करने के लिए व्यापक रूप से आयात पर निर्भर रहेगा, तो हमें असामान्य स्थितियों का सामना करना ही पड़ेगा। आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने के लिए किसानों को प्रोत्साहन दिये जाने की आवश्यकता है क्योंकि वे उत्पादन बढ़ाने के सपने को साकार कर सकते हैं, बशर्ते उन्हें लाभकारी मूल्य मिलता रहे। पिछले दो साल में किसानों को फायदा हुआ है और इसी का नतीजा है कि इस वर्ष सरसों उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई है।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 7,525-7,575 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली - 6,550 - 6,645 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,350 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,540 - 2,730 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,405-2,480 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,455-2,555 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,300 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,000 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,800।

सीपीओ एक्स-कांडला- 14,200 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,850 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,750 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 14,500 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन दाना - 7,425-7,475 रुपये।

सोयाबीन लूज 7,125-7,225 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 23, 2022 06:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).