जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी के बावजूद ज्यादातर तेल-तिलहनों के भाव टूटे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में भारी तेजी के बावजूद स्थानीय कारोबारी धारणा खराब होने की वजह से देश के तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों और सोयाबीन तेल-तिलहन, मूंगफली तिलहन, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के थोक दाम गिरावट दर्शाते बंद हुए। मूंगफली तेल और बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।
नयी दिल्ली, 28 जनवरी विदेशी बाजारों में भारी तेजी के बावजूद स्थानीय कारोबारी धारणा खराब होने की वजह से देश के तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों और सोयाबीन तेल-तिलहन, मूंगफली तिलहन, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के थोक दाम गिरावट दर्शाते बंद हुए। मूंगफली तेल और बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।
बाजार सूत्रों के अनुसार, शिकॉगो एवं मलेशिया एक्सचेंज में भारी तेजी के बावजूद स्थानीय कारोबारी धारणा प्रभावित रहने के कारण अधिकांश तेल-तिलहनों में गिरावट दर्ज हुई।
सूत्रों ने कहा, ‘‘सटोरियों ने पिछले कुछ सत्रों में वायदा कारोबार में बिनौला खल के दाम घटाए हैं जिसके बाद भारतीय कपास निगम (सीसीआई) ने पिछले बृहस्पतिवार, शुक्रवार और सोमवार को बिनौला सीड के दाम में 100 रुपये क्विंटल तक की कमी की है। इससे तो यही लगता है कि सट्टेबाज संभवत: वायदा कारोबार में इसी मकसद से दाम तोड़ रहे थे जैसे उन्हें अंदाजा हो कि सीसीआई भी बिनौला सीड का दाम घटा देगा।
कपास के कम उत्पादन को देखते हुए सीसीआई को सट्टेबाजों के झांसे में आने के बजाय संकट के वक्त के लिए बिनौला सीड का भंडारण करना चाहिये या सही दाम मिलने का इंतजार करना चाहिये। सीसीआई द्वारा लागत से कम दाम पर बिकवाली करने से कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि सीसीआई जिस न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कपास खरीदता है, उस लागत के हिसाब से कपास से निकले बिनौला सीड का दाम 3,800-4,000 रुपये क्विंटल होना चाहिये लेकिन वायदा कारोबार में दाम टूटने के बाद सीसीआई ने यही बिनौला खल 3,200-3,400 रुपये क्विंटल के भाव बेचा है। इससे कुल कारोबारी धारणा प्रभावित हुई है और ग्राहकी खत्म हो चली है। खल का दाम टूटा रहने के बीच खाद्य तेलों के दाम पूर्वस्तर पर हैं। खासकर मूंगफली और बिनौला किसानों की हालत खराब है क्योंकि खल का दाम टूटा होने से किसानों की उपज की पेराई नहीं हो रही।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,000-6,100 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,425-5,750 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,140-2,440 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,950 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,225-2,325 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,225-2,350 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,950 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 12,150 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,450 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,700 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,200-4,250 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 3,900-4,000 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 28, 2025 07:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

