Pune Metro Passenger Record: पुणे मेट्रो का नया रिकॉर्ड, अगस्त में 74.27 लाख यात्रियों ने किया सफर, पिंपरी-चिंचवड स्टेशन रहा अव्वल
पुणे में हिंजवड़ी-शिवाजीनगर मेट्रो लाइन 3 का इंतजार खत्म होने जा रहा है. सितंबर के अंत तक इसके पहले चरण का उद्घाटन हो सकता है. जानिए मेट्रो रूट, सुरक्षा जांच और अगस्त महीने में बने रिकॉर्ड यात्री आंकड़ों की पूरी जानकारी.
Pune Metro Passenger Record: पुणे और पिंपरी-चिंचवड शहर में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूत करने वाली पुणे मेट्रो ने अगस्त महीने में यात्रियों की संख्या का नया रिकॉर्ड बनाया है. 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच मेट्रो के सभी 28 स्टेशनों से कुल 74,27,608 यात्रियों ने यात्रा की. यह भी पढ़े: Pune Metro Line 3 Update: पुणे मेट्रो लाइन 3 का सितंबर अंत तक शुरू होने का अनुमान, PM मोदी कर सकते हैं वर्चुअल उद्घाटन
सड़कों पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम, समय की बचत और किफायती किराए के कारण नौकरीपेशा, छात्रों और व्यापारियों ने मेट्रो को अपनी पहली पसंद बनाया है. पिंपरी से स्वारगेट और वनाज से रामवाड़ी कॉरिडोर पर यात्रियों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी देखी जा रही है.
टॉप 5 स्टेशनों से 44 प्रतिशत यात्रियों ने किया आवागमन
मेट्रो प्रशासन द्वारा जारी स्टेशन-वार आंकड़ों के अनुसार, कुल यात्रियों का 44.21 प्रतिशत (यानी 32,83,989 यात्री) केवल शहर के टॉप 5 व्यस्त मेट्रो स्टेशनों से होकर गुजरे हैं.
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पिंपरी-चिंचवड महापालिका: औद्योगिक व व्यावसायिक केंद्र होने के कारण 8,35,873 यात्रियों के साथ यह स्टेशन पहले स्थान पर रहा.
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रामवाड़ी: आईटी पार्क और नगर रोड कॉरिडोर को जोड़ने वाला रामवाड़ी स्टेशन 7,69,341 यात्रियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा.
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स्वारगेट: दक्षिण पुणे का प्रमुख इंटरचेंज और बस टर्मिनस स्टेशन स्वारगेट 6,57,280 यात्रियों के साथ तीसरे नंबर पर रहा.
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पुणे रेलवे स्टेशन: लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों की सहूलियत के चलते 5,26,313 यात्रियों के साथ यह स्टेशन चौथे स्थान पर रहा.
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मंडई: मध्यवर्ती बाजार क्षेत्र से जुड़ा मंडई स्टेशन 4,95,182 यात्रियों के साथ पांचवें स्थान पर रहा.
यात्री संख्या में वृद्धि के मुख्य कारण
पुणे मेट्रो प्रशासन के अनुसार, यात्रियों की संख्या में इस रिकॉर्ड वृद्धि के पीछे तीन प्रमुख तकनीकी व भौगोलिक कारण रहे हैं:
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डायरेक्ट कनेक्टिविटी: आईटी कॉरिडोर और औद्योगिक पट्टों के बीच सुगम और सीधी कनेक्टिविटी मिलना.
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मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन: रेलवे स्टेशनों और एसटी बस स्टैंडों के साथ मेट्रो स्टेशनों का सीधा जुड़ाव होना.
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समय और पैसे की बचत: सड़क हादसों और ईंधन के खर्च से बचने के लिए दैनिक यात्रियों द्वारा मेट्रो को प्राथमिकता देना.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2026 12:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

