जरुरी जानकारी | देसाई आत्महत्या: एडलवाइस ने कर्ज वसूली के लिए ‘‘अनुचित दबाव’’ बनाने का आरोप किया खारिज

मुंबई, छह अगस्त एडलवाइस समूह ने रविवार को कहा कि बकाएदारों से कर्ज वसूली के प्रयास बढ़ाना न केवल एक अधिकार है, बल्कि लेनदारों का दायित्व भी है।

कंपनी ने कला निर्देशक नितिन देसाई आत्महत्या मामले में दर्ज प्राथमिकी में उसके चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राशेष शाह का चार अन्य लोगों के साथ नाम दर्ज होने की बात स्वीकार की।

एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि उसने देसाई पर कोई ‘‘अनुचित दबाव’’ नहीं बनाया।

जाने-माने फिल्म कला निर्देशक नितिन देसाई ने अपने वित्तीय ऋणदाता को 252 करोड़ रुपये के कर्ज भुगतान में चूक की थी और दिवाला अदालत ने उनके खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शरू करने की याचिका को स्वीकार किया था।

देसाई का शव गत बुधवार को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में उनके स्टूडियो में लटका मिला।

देसाई की कंपनी एनडी आर्ट वर्ल्ड प्राइवेट लि. ने दो बार में...2016 और 2018 में ईसीएल फाइनेंस से 185 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। जनवरी, 2020 से उनके समक्ष कर्ज भुगतान का संकट शुरू हुआ।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने 25 जुलाई को एडलवाइस एसेट रिकंस्ट्रक्शन की देसाई की कंपनी के खिलाफ दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता प्रक्रिया शुरू करने की याचिका स्वीकार की थी।

एनसीएलटी के सदस्य (न्यायिक) एच वी सुब्बा राव और सदस्य (तकनीकी) अनु जगमोहन सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जितेंद्र कोठारी को अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया था।

आदेश में कहा गया था कि ऋणदाताओं ने 31 मार्च 2021 को कंपनी के खाते को गैर-निष्पादित आस्ति (एनपीए) में वर्गीकृत किया है। 30 जून 2022 तक ऋण चूक (डिफॉल्ट) की कुल राशि 252.48 करोड़ रुपये थी।

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