देश की खबरें | विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम की शुरुआत करेगा : सचिव

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 अगस्त विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) एक कार्यक्रम की शुरूआत करने वाला है जिससे देश में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी ।

फिक्की द्वारा आयोजित एक वेबिनार- ‘मिलेनियम एलायंस राउंड 6 और कोविड-19 इन्नोवेशन चैलेंज अवार्ड’ में डीएसटी सचिव आशुतोष शर्मा ने कहा कि पिछले छह साल में नवोन्मेष को लेकर अनुकूल माहौल बना है ।

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उन्होंने कहा कि डीएसटी ने पिछले 60 साल की तुलना में छह साल में ज्यादा इनक्यूबेटर (नवोन्मेष के लिए विभिन्न तरह की मदद के संबंध में बनायी गयी जगह) स्थापित किए हैं ।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हम देश में 150 प्रौद्योगिकी कारोबार इनक्यूबेटर की मदद कर रहे हैं । इनमें कई तो विश्वविद्यालयों, आईआईटी में है। इन इनक्यूबेटर में करीब 4,000 स्टार्ट-अप हैं। हम इनकी संख्या बढ़ाना चाहते हैं।’’

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शर्मा ने कहा कि आगामी महीनों में डीएसटी एक नया कार्यक्रम शुरू करेगा और यह एक नयी नवाचार प्रणाली होगी ।

सचिव ने कहा कि अगले पांच साल में मौजूदा संख्या में पांच गुणा बढ़ोतरी की योजना है । उन्होंने कहा, ‘‘हम उद्यमिता और स्टार्ट-अप पर एक कार्यक्रम शुरू करने के लिए काम कर रहे हैं । ’’

सचिव ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान कोविड-19 से मुकाबले में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा । नवोन्मेष करने वाले, उद्यमी, वैज्ञानिक और वैश्विक कंपनियां मौजूदा तकनीक को अपनाते हुए इसमें और सुधार लाने के साथ ही नयी प्रौद्योगिकी विकसित करेंगी।

शर्मा ने कहा कि ऐसे समय में यह जरूरी है कि इससे मुकाबले के लिए भारत अपने संसाधनों और विशेषज्ञता का इस्तेमाल करे।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले छह महीने में हमने देखा है कि महामारी के कारण उपजे हालात में भारत के बहुआयामी नवोन्मेषक और स्टार्ट-अप जांच, रोकथाम, साफ-सफाई आदि को लेकर नयी प्रौद्योगिकी, नए समाधान के साथ आगे आए हैं। ’’

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