नयी दिल्ली, छह नवंबर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में आयोजित वार्षिक ओपन हाउस प्रदर्शनी में फिसलन भरी सतह का पता लगाने वाला रोबोटिक उपकरण, पहने जाने वाले दबाव सेंसर जो आपके शरीर की गति और गलत अवस्था का विश्लेषण करता है, आंत में मौजूद जटिल जीवाणु संरचना में बदलाव एवं डिजिटल सूक्ष्मदर्शी कुछ प्रमुख प्रौद्योगिकी हैं जिनका प्रदर्शन किया गया।
ओपन हाउस का 16वां संस्करण स्कूली विद्यार्थियों के लिए आयोजित महत्वकांक्षी कार्यक्रम है जिसका आयोजन शनिवार को किया गया था और इस दौरान संस्थान के शिक्षकों एवं छात्रों ने प्रमुख अनुसंधान कार्यों का प्रदर्शन किया।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने कहा, ‘‘ओपन हाउस का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को दिखाना है कि आईआईटी दिल्ली, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्या कर रहा है और यह बताना कि इस क्षेत्र में हमारे कार्य का वास्तविक दुनिया पर क्या असर है। ओपन हाउस के पीछे की पूरी परिकल्पना स्कूली विद्यार्थियों को जानकारी देना और उन्हें भविष्य का फैसला लेने में मदद करना है। इस दौरान संवाद सत्र और व्याख्यान का आयोजन किया गया।’’
ओपन हाउस में दिल्ली-एनसीआर के 40 से अधिक स्कूलों के करीब 2000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और नवेन्मेषी अनुसंधान और उत्पाद विकास परियोजनाओं के विस्तृत संग्रह का अवलोकन किया।
अनुसंधानकर्ताओं ने आधुनिक प्रौद्योगिकियों को करीब 50 क्रियाशील प्रतिकृतियों और 100 अनुसंधान पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया।
सिविल इंजीनियरिंग विभाग में पीएचडी अनुसंधानकर्ता वसंत मत्सागर (डोगरा चेयर और प्रोफेसर) कुसुम सैनी ने ठोस कृषि अपशिष्टों से टिकाऊ और सस्ते मकान बनाने की विकसित प्रोद्योगिकी का प्रदर्शन किया।
इंज्यूरी मैकेनिक्स लैब (डीआईएमएल) ने खासतौर पर सस्ता, सचल सतह घर्षण टेस्टर विकसित की है जो प्रभावी तरीके से सतह पर फिसलन रोकने के प्रभावी होने की जांच कर सकता है।
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