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नोटबंदी: ईडी ने पटना में नया आरोप पत्र दाखिल किया, आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की छूट मांग

पूरक आरोप पत्र में आरोपियों की आठ करोड़ रुपये से अधिक कीमत की जन सम्पत्तियों की कुर्की की पुष्टि किए जाने की मांग की गयी है उनमें एक कारखाना और एक कार्यालय परिसर है।

नोटबंदी: ईडी ने पटना में नया आरोप पत्र दाखिल किया, आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की छूट मांग
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नयी दिल्ली, दो मई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2016 की नोटबंदी योजना के कथित दुरुपयोग से संबंधित धन शोधन के एक मामले में पटना की एक विशेष अदालत में नया अनुपूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने साथ ही इस मामलें में आठ करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्तियों की कुर्की की प्रारंभिक कार्रवाई के की पुष्टि किए जाने की भी अर्जी लगायी है।

पूरक आरोप पत्र में आरोपियों की आठ करोड़ रुपये से अधिक कीमत की जन सम्पत्तियों की कुर्की की पुष्टि किए जाने की मांग की गयी है उनमें एक कारखाना और एक कार्यालय परिसर है।

पहले से दायर मामले की जांच में कुछ नए तथ्य सामने आने के बाद जांए एजेंसी ने यह कार्रवाई की है। अनुपूरक आरोप पत्र में मुंबई की कंपनी वी एस हेल्थकेयर मुंबई के राजन एस शाह और 11 अन्य लोगों को नामजद किया गया है।

कुछ नये तथ्य पता लगने के बाद ईडी की ओर से इसी सप्ताह के शुरू में मनी लांडरिंग संबंधी मामलों की सुनवाई करने वाली यहां की विशेष आदालत में एक पूरक अभियोजन शिकायत (आरोप पत्र) दायर किया गया है।

ईडी ने शुरुआत में धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के आपराधिक प्रावधान के तहत गया स्थित कारोबारी और एमटीआई कॉटन मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तक मोतीलाल और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

जांच एजेंसी उनके खिलाफ आरोप पत्र पहले ही सौंप चुकी है और वह इस समय न्यायिक हिरासत में है।

इस व्यापारी पर आरोप है कि उसने नोटबंदी के बाद बैंक ऑफ इंडिया की गया जिले में जीबी रोड शाखा के साथ मिलीभगत करके गैर कानून धर की हेराफेरी की।

ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने विभिन्न बैंक खातों में 44.79 करोड़ रुपये की अवैध नकदी जमा की।इस रकम को कुछ और फर्मों के साथ मिल मिली भगत से इधर-उधर किया गया।

ईडी का कहना था कि ये नकद राशि उसे गया के एक व्यापारी धीरज जैन और दिल्ली के व्यवसायी बिमल जैन ने सौंपी थी। बाद में धीरज जैन और पवन जैन के निर्देश पर मोतीलाल ने दिल्ली और कोलकाता स्थित फर्मों के बैंक खातों में ये राशि हस्तांतरित कर दी।

यह पाया गया कि मोतीलाल ने इन गैरकानूनी लेनदेन को बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया।

मामले की जांच में नए तथ्य प्रकाश में आने के बाद एजेंसी ने इस मामले में एजेंसी ने अदालत से बैंक खातों में जमा राशि, सावधि जमा, एक फैक्ट्री और एक कार्यालय परिसर जैसी संपत्तियों को की कुर्की की प्रारंभिक कार्रवाई की पुष्टि किए जाने की अनुमति मांगी है। इन सम्पत्तियों की अनुमानित कीमत 8.12 करोड़ रुपये बतायी गयी है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2020 06:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).