विदेश की खबरें | डेमोक्रेट सांसदों ने बाइडन से सऊदी अरब के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं वर्जीनिया के डेमोक्रेट सांसद गेरी कोनोली और कानून समिति के अध्यक्ष एवं मैसाच्युसेट्स से डेमोक्रेट सांसद जिम मैकगवर्न के नेतृत्व में सासंदों ने विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन को लिखे एक पत्र में अमेरिका-सऊदी संबंधों के ‘‘पुनर्मूल्यांकन’’ का आग्रह किया।

विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं वर्जीनिया के डेमोक्रेट सांसद गेरी कोनोली और कानून समिति के अध्यक्ष एवं मैसाच्युसेट्स से डेमोक्रेट सांसद जिम मैकगवर्न के नेतृत्व में सासंदों ने विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन को लिखे एक पत्र में अमेरिका-सऊदी संबंधों के ‘‘पुनर्मूल्यांकन’’ का आग्रह किया।

इस मसले पर अमेरिका में सऊदी अरब के दूतावास से संपर्क किया गयाा, लेकिन उसने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यमन में सऊदी अरब के युद्ध और इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में अमेरिकी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या सहित कई विवादस्पद मुद्दों के बीच पदभार संभाला था।

हालांकि, तेल की धीमी आपूर्ति और आसमान छूती कीमतों से बढ़ती मुद्रास्फीति के कारण बाइडन प्रशासन ने सऊदी शासकों के साथ अपने संबंधों को सुधारने की कोशिश की है।

डेमोक्रेट सांसदों ने पत्र में नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के साथ साम्राज्य में हो रहे कठोर व्यवहार और खशोगी की 2018 में हुई हत्या का उल्लेख किया है। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला है कि सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान ने संभवत: इस हत्या के आदेश दिए थे।

पत्र में कहा गया है कि सऊदी अरब पश्चिम की मदद के लिए कुछ नहीं कर रहा है, क्योंकि वह यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को बचाने की कोशिश कर रहा है।

विश्व में रूस एक शीर्ष तेल एवं गैस उत्पादक देश है और संघर्ष ने पहले से ही धीमी वैश्विक तेल आपूर्ति को और घटा दिया है।

पत्र में कहा गया है, ‘‘तेल उत्पादन बढ़ाने की हमारी सरकार की अपील को स्वीकार करने के बजाय सऊदी शासक चीन के साथ कथित तौर पर चीनी युआन में तेल की बिक्री के बारे में बात कर रहे हैं। यह एक ऐसा कदम है, जो अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर सकता है।’’

सांसदों ने सऊदी अरब के साथ अमेरिका के संबंधों का ‘‘पुनर्मूल्यांकन’’ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए सऊदी अरब का न खड़ा होना इस बात को दिखाता है कि सऊदी शासन को अमेरिका जो सहयोग दे रहा है, उसके कुछ अल्पकालिक और दीर्घकालिक नुकसान हो सकते हैं।

इस बीच, वाशिंगटन स्थित सऊदी दूतावास ने बुधवार को कहा कि वह यूक्रेन के शरणार्थियों की मदद के लिए एक करोड़ डॉलर तक की सहायता प्रदान करेगा।

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