जरुरी जानकारी | अनिश्चितताएं दूर होने पर ही अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी: मुख्य आर्थिक सलाहकार

कोलकाता, 19 जून मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) कृष्णमूर्ति सुब्रमणियम ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण स्वास्थ्य को लेकर अनिश्चितता दूर होने के बाद ही अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी।

भारत चैंबर ऑफ कामर्स द्वारा आयोजित एक वेबिनार (इंटरनेट के जरिये होने वाला सेमिनार) में सुब्रमणियम ने कहा कि सोच-विचार कर किये जाने वाले खर्च में बढ़ोतरी नहीं हो रही है, इसका कारण कोरोना वायरस महामारी के चलते स्वास्थ्य को लेकर अनिश्चितता है।

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उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देशों में नकद अंतरण होने के बाद लोग खाने-पीने का सामान खरीदते हैं, भारत में स्थिति अलग है।

सीईए के अनुसार, ‘‘देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली है जो लोगों को राशन उपलब्ध कराती है। इसीलिए हमारे देश में लोग अनिश्चिता के कारण एहतियाती उपायों के लिये बचत पर जोर देते हैं।’’

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उन्होंने कहा कि अनिश्चितता स्वास्थ्य की वजह से है और यह तब तक रहेगी जबकि कोविड-19 के लिये टीका नहीं आ जाता। तबतक खर्च बढ़ने की उम्मीद नहीं है।’’

सुब्रमणियम ने कहा, ‘‘लोग अधिक-से-अधिक बचत करेंगे और मांग बढ़ने का सही समय तब होगा जब अनिश्चितता नहीं होगी।’’

उन्होंने कहा सरकार इस तथ्य से वाकिफ है कि अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने की जरूरत है।

सीईए ने कहा कि जनधन खाताधारकों में आय बढ़ने के साथ खर्च बढ़ती है। हालांकि इस समय वे बचत पर जोर दे रहे हैं।

सरकार के 20 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज के बारे में सुब्रमणियम ने कहा कि दुनिया में अन्य देशों खासकर अमेरिका और ब्रिटेन में प्रोत्साहन पैकेज में राजकोषीय उपायों की हिस्सेदारी 3.5 प्रतिशत है। शेष मौद्रिक और नकदी उपाय हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने वहीं किया है।’’

सीईए ने कहा कि महामारी के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र में अच्छी मांग है जबकि पर्यटन और होटल क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।

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