नयी दिल्ली, 30 अगस्त असम, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों को पुनर्गठित करने के लिये परिसीमन आयोग पूर्वात्तर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा। अधिकारियों ने कहा कि उससे पहले आयोग परिसीमन की इस कवायद के लिये “व्यापक कार्यढांचा” तैयार करेगा।
व्यापक कार्यढांचा तैयार करने के बाद आयोग अपने “सहायक सदस्यों”- लोकसभा सांसदों और विधायकों का एक समूह के विचार और सुझाव भी जानेगा।
घटनाक्रम के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा, “सबसे पहले 2011 की जनगणना के आधार पर विधानसभाओं से अलग किये जाने वाले हिस्सों को लेकर कार्यढांचा विकसित किया जाएगा। इसके बाद ही परिसीमन आयोग स्थानीय लोगों से मिलने के लिये राज्यों का दौरा करेगा। कार्यढांचा तैयार होने के बाद वह सहायक सदस्यों से भी बातचीत करेगा जिससे उनका नजरिया और सुझाव जाना जा सके।”
परिसीमन आयोग पूर्वोत्तर के चार राज्यों में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन का काम करेगा और इसके साथ ही जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों के तहत केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू और कश्मीर में विधानसभा की सीटों को बढ़ाने के लिये काम करेगा।
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पूर्वोत्तर के चार राज्यों और जम्मू कश्मीर के लिये मार्च में परिसीमन आयोग का गठन किया गया था।
इसकी अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई कर रही हैं। आयोग में निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जबकि पूर्वोत्तर के चार राज्यों और जम्मू और कश्मीर के राज्य निर्वाचन आयुक्त इसके पदेन सदस्य हैं।
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