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देश की खबरें | दिल्ली: यमुना में पानी का जलस्तर घटा, ‘चेतावनी’ के निशान से अब भी ऊपर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली में यमुना के जलस्तर में सोमवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई लेकिन यह अब भी चेतावनी के निशान 204.5 मीटर से ऊपर बरकरार है। अधिकारियों ने कहा कि नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण ऐसा है।

देश की खबरें | दिल्ली: यमुना में पानी का जलस्तर घटा, ‘चेतावनी’ के निशान से अब भी ऊपर

नयी दिल्ली, दो अगस्त दिल्ली में यमुना के जलस्तर में सोमवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई लेकिन यह अब भी चेतावनी के निशान 204.5 मीटर से ऊपर बरकरार है। अधिकारियों ने कहा कि नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण ऐसा है।

अगले तीन से चार दिनों में क्षेत्र में और बारिश होने की उम्मीद है, ऐसे में प्रशासन स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, पुराने रेलवे पुल पर अपराह्न तीन बजे जलस्तर 204.87 मीटर दर्ज किया गया। यह रविवार को रात आठ बजे 205.30 मीटर था। अधिकारियों ने बताया कि रविवार दोपहर तक यमूना के डूब क्षेत्र में रहने वाले 100 से ज्यादा परिवारों को ऊपरी इलाकों में पहुंचाया गया।

शुक्रवार को दिल्ली प्रशासन ने बाढ़ की चेतावनी जारी की थी और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के प्रयास तेज कर दिए थे। शुक्रवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर 205.59 मीटर पर पहुंच गया था।

हरियाणा द्वारा हथिनीकुंड बैराज से नदी में ज्यादा पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में संबंधित विभाग हाई अलर्ट पर है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी के मुताबिक, खतरे वाले इलाकों में नौकाएं तैनात की गई हैं और वहां रह रहे परिवारों को अस्थायी रूप से तंबुओं और दिल्ली सरकार के आश्रय गृहों में ठहराया गया है।

यमुना में जलस्तर जब 204.50 मीटर के “चेतावनी के निशान” को पार कर लेता है तब बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की जाती है।

दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने हरियाणा के यमुनानगर जिले में हथिनीकुंड बैराज से अपराह्न तीन बजे करीब 15 हजार क्यूसेक की दर से पानी छोड़े जाने की सूचना दी। आम तौर पर प्रवाह दर 352 क्यूसेक रहती है लेकिन जल ग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद प्रवाह बढ़ गया है।

नदी में प्रवाह मंगलवार को 1.60 लाख क्यूसेक पहुंच गया था जो इस साल अब तक का सर्वाधिक है। बैराज से छोड़े गए पानी को राजधानी पहुंचने में आमतौर पर दो से तीन दिन लगते हैं। एक क्यूसेक 28.32 लीटर प्रति सेकेंड के बराबर होता है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2021 04:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).