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Crypto Crackdown: भारत में 15 विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स पर FIU का बड़ा एक्शन; वेबसाइट्स और ऐप्स ब्लॉक करने के निर्देश, मनी लॉन्ड्रिंग नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन वित्तीय खुफिया इकाई ने देश के मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानूनों का पालन न करने पर 15 विदेशी वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 13 के तहत इन प्लेटफॉर्म्स को गैर-अनुपालन नोटिस जारी करते हुए भारत में इनकी वेबसाइटों और मोबाइल एप्लिकेशन के सार्वजनिक उपयोग पर रोक लगाने (टेकडाउन/ब्लॉक करने) का अनुरोध किया गया है.

Crypto Crackdown: भारत में 15 विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स पर FIU का बड़ा एक्शन; वेबसाइट्स और ऐप्स ब्लॉक करने के निर्देश, मनी लॉन्ड्रिंग नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी

नई दिल्ली: अवैध रूप से संचालित हो रहे विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों और डिजिटल एसेट कंपनियों पर भारत सरकार ने कानूनी शिकंजा और कस दिया है. वित्त मंत्रालय के तहत कार्य करने वाली वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) ने बुधवार, 9 सितंबर 2026 को भारत में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों का उल्लंघन करने वाले 15 विदेशी वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (VDA SPs) को गैर-अनुपालन नोटिस जारी किए हैं.

इसके साथ ही, नियामक ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के तहत संबंधित प्राधिकारियों को इन सभी 15 अवैध प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइटों (URLs) और मोबाइल ऐप्स को भारत में ब्लॉक/टेकडाउन करने के निर्देश दिए हैं. यह भी पढ़ें: FalconX Layoffs: क्रिप्टो मार्केट में मंदी के बीच फाल्कन-एक्स की छंटनी; वैश्विक स्तर पर 10% कर्मचारियों को निकाला

PMLA की धारा 13 के तहत नोटिस; ये प्लेटफॉर्म्स शामिल

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इन वैश्विक संस्थाओं को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002' (PMLA) के प्रावधानों का पालन न करने का दोषी पाया गया है:

  • प्रमुख प्लेटफॉर्म्स: जिन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है उनमें वीक्स इंटरनेशनल एक्सचेंज (Weex), बीएलएफ ग्लोबल (BLF Global), बिटयूनिक्स एलएलसी (Bitunix), डिजिफाइनेक्स (DigiFinex), फिनसेवन सीजेड (FinSeven CZ), ब्लोफिन (Blofin), रेजोरेक्स (RezorEx) और टूबिट (Toobit) जैसी फर्म शामिल हैं.
  • अनिवार्य पंजीकरण का अभाव: ये सभी संस्थाएं 'रिपोर्टिंग एंटिटी' के रूप में एफआईयू-इंडिया के पास औपचारिक पंजीकरण कराए बिना भारतीय उपयोगकर्ताओं को वर्चुअल डिजिटल एसेट सेवाएं प्रदान कर रही थीं.

भारतीय कानून: देश में भौतिक मौजूदगी जरूरी नहीं

एफआईयू-इंडिया ने स्पष्ट किया है कि भारत में क्रिप्टो सेवाओं से जुड़े वैधानिक दायित्व पूरी तरह गतिविधि-आधारित (Activity-based) हैं:

  • घरेलू व विदेशी दोनों पर लागू: चाहे कोई क्रिप्टो एक्सचेंज भारत में भौतिक रूप से मौजूद (Onshore) हो या विदेश से संचालित (Offshore), यदि वह भारतीय नागरिकों को सेवाएं दे रहा है, तो उसे अनिवार्य रूप से भारतीय कानूनों के तहत पंजीकरण कराना होगा.
  • दायरे में आने वाली सेवाएं: इसके अंतर्गत वर्चुअल डिजिटल एसेट्स और फिएट करेंसी (रुपये) के बीच लेन-देन, क्रिप्टो-टू-क्रिप्टो ट्रेडिंग, एसेट ट्रांसफर और डिजिटल वॉलेट प्रबंधन से जुड़ी सभी सेवाएं शामिल हैं.
  • वित्तीय खुफिया इकाई ने मार्च 2023 में ही सभी वीडीए सेवा प्रदाताओं को पीएमएलए के आतंकवाद के वित्तपोषण रोधी (CFT) और मनी लॉन्ड्रिंग रोधी (AML) ढांचे के दायरे में ला दिया था.

अवैध ऐप्स पर पाबंदी और टेकडाउन की प्रक्रिया

एफआईयू निदेशक ने आईटी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियमों के नियम 3(1)(d) का हवाला देते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और अन्य मध्यवर्ती सेवा प्रदाताओं को इन सभी कंपनियों के सार्वजनिक यूआरएल और ऐप स्टोर लिंक निष्क्रिय करने को कहा है.

इससे पूर्व भी नियामक ने अनिवार्य पंजीकरण न कराने वाले कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों पर इसी तरह की डिजिटल पाबंदियां लगाई थीं, जिसके बाद कुछ वैश्विक प्लेटफॉर्म्स ने औपचारिक शर्तों का पालन कर भारत में दोबारा वैध पंजीकरण हासिल किया था.

निवेशकों के लिए चेतावनी: क्रिप्टो संपत्ति जोखिमपूर्ण और अनियंत्रित

इस सख्त दंडात्मक कार्रवाई के साथ ही वित्त मंत्रालय ने भारतीय निवेशकों के लिए एक बार फिर सार्वजनिक चेतावनी जारी की है:

  • कोई विनियामक सुरक्षा नहीं: मंत्रालय ने रेखांकित किया है कि भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA), क्रिप्टो उत्पाद और एनएफटी (NFT) पूरी तरह अनियंत्रित (Unregulated) हैं.
  • वित्तीय नुकसान का जोखिम: ऐसे किसी भी अपंजीकृत या अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर लेन-देन करने पर होने वाले आर्थिक नुकसान, धोखाधड़ी या पूंजी के डूबने की स्थिति में निवेशकों के पास कोई कानूनी या विनियामक समाधान (Regulatory Recourse) उपलब्ध नहीं होगा.

नियामक ने घरेलू निवेशकों से अपील की है कि वे अपनी पूंजी की सुरक्षा के लिए केवल एफआईयू-पंजीकृत वैध संस्थाओं के माध्यम से ही किसी भी प्रकार की डिजिटल परिसंपत्ति का लेन-देन करें.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 09, 2026 02:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).