देश की खबरें | दिल्ली हिंसा : अदालत ने मीडिया को सूचना लीक करने के मामले में पुलिस से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) विश्वविद्यालय के एक छात्र की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा जिसमें उन अधिकारियों के खिलाफ जांच का आग्रह किया गया है जो मीडिया को सूचना लीक करते हैं। छात्र को उत्तरपूर्वी दिल्ली में फरवरी में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
नयी दिल्ली, 24 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) विश्वविद्यालय के एक छात्र की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा जिसमें उन अधिकारियों के खिलाफ जांच का आग्रह किया गया है जो मीडिया को सूचना लीक करते हैं। छात्र को उत्तरपूर्वी दिल्ली में फरवरी में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने दो मीडिया घरानों और सोशल मीडिया के दो मंचों से भी कहा कि याचिका पर वे जवाब दें। याचिका में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों द्वारा लीक संवेदनशील, गोपनीय सूचना को भी हटाए जाने की मांग की गई है जिस पर उनसे जवाब देने के लिए कहा गया है।
उच्च न्यायालय ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 11 सितम्बर तय की है। बहरहाल अदालत ने मीडिया घराने जी न्यूज और ऑपइंडिया तथा सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक तथा यूट्यूब को विषय वस्तु हटाने का निर्देश देने वाले एकतरफा आदेश को पारित करने से इंकार कर दिया।
उच्च न्यायलय ने कहा कि सभी पक्षों को सुनने के बाद ही वह आवश्यक आदेश पारित करेगा।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैं इस बात से सहमत हूं कि यह स्वीकार्य व्यवहार नहीं है जो कुछ अधिकारियों ने किया है और वकील रजत नायर (दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व करने वाले) इससे सहमत होंगे।’’
उच्च न्यायालय जेएमआई के छात्र आसिफ इकबाल तान्हा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
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