देश की खबरें | दिल्ली विश्वविद्यालय के सात कॉलेजों की लेखाजांच में वित्तीय गड़बड़ियां सामने आईं: सिसोदिया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, छह नवंबर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से वित्तपोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के सात कॉलेजों की विशेष लेखाजांच में वित्तीय अनियमितता और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ है।

उन्होंने कहा कि इस लेखा जांच में खुलासा हुआ है कि इन कॉलेजों के पास अधिशेष (सरप्लस) कोष मौजूद होने के बावजूद कर्मियों को वेतन नहीं दिया गया।

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दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री सिसोदिया ने कहा कि सरकार लेखा जांच (ऑडिट) के आधार पर कानूनी कार्रवाई के रास्ते तलाश रही है। उन्होंने कहा कि ये कॉलेज बार-बार दिल्ली सरकार पर कोष रोकने का आरोप लगा रहे थे ।

सिसोदिया ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ कोषों के कुप्रबंधन की शिकायतें मिलने के बाद हमने दिल्ली सरकार की ओर से वित्तपोषित सात कॉलेजों के खर्चे के संबंध में विशेष लेखाजांच का आदेश दिया। उनके द्वारा लेखाजांच का विरोध किए जाने से यह स्पष्ट था कि इन कॉलेजों में व्यापक तौर पर आर्थिक कुप्रबंधन है और लेखाजांच में यही पाया गया।’’

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उन्होंने कहा कि ये कॉलेज अपने बैंक खातों को भी दिखाने के रास्ते में बाधा डाल रहे थे और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही उन्होंने खाता बुक लेखाजांच अधिकारियों को सौंपा। मंत्री ने बताया कि लेखाजांच से दो चीजें स्पष्ट हो गईं कि अनाधिकृत तरीके से भुगतान हुए हैं और ये कॉलेज अधिशेष (सरप्लस) कोष को छुपा रहे हैं।

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, केशव महाविद्यालय, शहीद सुखदेव कॉलेज, भगिनी निवेदिता और महर्षि वाल्मीकि कॉलेज का लेखा जांच किया गया। सिसोदिया ने दावा किया कि आदेश के बावजूद अदिति महाविद्यालय और लक्ष्मीबाई कॉलेज ने लेखाजांच की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

इस मुद्दे पर इन सात कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

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