ताजा खबरें | सेंट्रल विस्टा परियोजना के बाद दिल्ली होगी दुनिया की बेहतरीन राजधानियों में से एक : पुरी

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को विश्वास जताया कि सेंट्रल विस्टा परियोजना पूरी हो जाने के बाद दिल्ली दुनिया की सबसे बेहतरीन राजधानियों में से एक होगी तथा अगले साल दिसंबर तक सांसद नये संसद भवन में बैठ पाएंगे।

नयी दिल्ली, नौ फरवरी राज्यसभा में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को विश्वास जताया कि सेंट्रल विस्टा परियोजना पूरी हो जाने के बाद दिल्ली दुनिया की सबसे बेहतरीन राजधानियों में से एक होगी तथा अगले साल दिसंबर तक सांसद नये संसद भवन में बैठ पाएंगे।

पुरी ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र विधि (विशेष उपबंध) दूसरा (संशोधन) विधेयक पर राज्यसभा में हुई चर्चा के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सेंट्रल विस्टा परियोजना में 20 हजार करोड़ रूपये की लागत आने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा परियोजना के लागू हो जाने के बाद दिल्ली विश्व के सबसे सुदंर शहरों में से एक होगी। इसके लिए 20 हजार करोड़ रूपये आवंटित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि 2022 में जब देश अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा होगा तो उस साल सांसद दिसंबर में नये संसद भवन में बैठे होंगे, जहां उन्हें थोड़ा अधिक स्थान मिल सकेगा। यह अधिक स्थान न केवल सत्ता पक्ष बल्कि सभी सदस्यों के लिए होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल दिसंबर में नये संसद भवन की नींव रखी थी। देश जब अपनी स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ मना रहा होगा तब तक नये संसद भवन का निर्माण पूरा हो जाने का सरकार ने लक्ष्य रखा है।

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत संसद के आसपास विभिन्न मंत्रालयों की इमारतों का पुनर्विकास कर उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 2019 में दिल्ली में अनधिकृत कालोनी में रहने वाले लोगों को मालिकाना अधिकार दिलाने के काम को विधायी स्तर पर लाया जा सका, जिस काम को दो तीन साल पहले किया जा सकता था। केंद्र सरकार को उम्मीद थी कि दिल्ली सरकार को मानचित्र तैयार करने का काम पूरा कर लेना चाहिए था।

पुरी ने अनधिकृत कालोनी में रहने वाले लोगों के पंजीकरण के काम में दिल्ली सरकार की सहायता मांगी ताकि इस काम को शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि 1.35 करोड़ लोग, जो अनधिकृत कालोनियों में रहते हैं, उन्हें मालिकाना हक मिलेगा।

माधव अविनाश मनीषा

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