देश की खबरें | दिल्ली भगदड़ : बिहार के एक परिवार ने 11 वर्षीय बच्ची समेत तीन लोगों को खोया

मुजफ्फरपुर, 16 फरवरी बिहार के मुजफ्फरपुर की सुनैना देवी को दिल्ली में अपनी बहू की चीख याद है, जिसे उन्होंने यह जानने के लिए फोन किया था कि क्या उनकी 11 साल की पोती सुरुचि प्रयागराज चली गई है।

बहादुरपुर गांव की निवासी सुनैना ने बताया, "मेरी बहू के माता-पिता समस्तीपुर में रहते थे। वे हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में शामिल होने के लिए दिल्ली गए थे, ताकि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वहां जा सकें।"

सुनैना ने बताया कि बहू की चीख के बाद फोन कट गया और मैं किसी अनहोनी की आशंका में डूब गई।

सुनैना देवी के पति नरेश साह ने बताया, "मैं एक दिहाड़ी मजदूर हूं। दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद मैं कल रात करीब 10 बजे घर पहुंचा। मैंने देखा कि मेरी पत्नी रो रही थी और कुछ बोल रही थी। मैं बस इतना समझ पाया कि मेरे बेटे और बहू के साथ कुछ बहुत बुरा हुआ है इसलिए मैंने अपने बेटे मनोज से संपर्क करने की कोशिश की, जिससे मैं आधी रात के आसपास संपर्क कर पाया। उसने हमें बताया कि सुरुचि और उसके नाना-नानी सभी भगदड़ में कुचलकर मर गए हैं।"

नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात मची भगदड़ में कम से कम 18 लोग मारे गए और एक दर्जन से ज़्यादा घायल हो गए। भगदड़ में मरने वाले बिहार के लोगों और घायलों की सही संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतज़ार किया जा रहा है।

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