ताजा खबरें | दिल्ली सेवा विधेयक चर्चा तीन अंतिम लोस
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि इससे राज्य विधानसभा के अधिकारों पर अंकुश लगाया जा रहा है और इस विधेयक के माध्यम से ‘ब्यूरोक्रेसी को डेमोक्रेसी पर’ (लोकतंत्र पर नौकरशाही को) हावी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे राज्य विधानसभा के अधिकारों पर अंकुश लगाया जा रहा है और इस विधेयक के माध्यम से ‘ब्यूरोक्रेसी को डेमोक्रेसी पर’ (लोकतंत्र पर नौकरशाही को) हावी किया जा रहा है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में दिल्ली को पूर्णराज्य का दर्जा देने की बात की थी, उसका क्या हुआ।
आम आदमी पार्टी के सुशील कुमार रिंकू ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार बिजली मुफ्त दे रही है, शिक्षा व्यवस्था बेहतर करती है, स्वास्थ्य सेवा बेहतर बनाती है।
उन्होंने कहा कि इस सदन में दिल्ली के मुख्यमंत्री के लिए अनेक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों के लिए अच्छे फैसले करना है तो ऐसा मुख्यमंत्री जरूर चाहिए।
रिंकू ने आरोप लगाया, ‘‘यह विधेयक संघीय ढांचे को बर्बाद कर देगा और बाबासाहेब आंबेडकर की सोच को नष्ट कर देगा। ’’
चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के शशि थरूर ने कहा कि यह सहकारी संघवाद के खिलाफ है और मनोनीत लोगों के माध्यम से निर्वाचित लोगों पर हावी होने वाला है।
राकांपा की सुप्रिया सुले ने कहा कि यह देश के संघीय ढांचे पर प्रहार है और दिल्ली की चुनी गई सरकार के अधिकारों को कम करने वाला है।
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