देश की खबरें | दिल्ली दंगे 2020 : उच्च न्यायालय शुक्रवार को शरजील इमाम की जमानत अर्जी पर सुनवाई करेगा
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नयी दिल्ली, 28 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय शुक्रवार को जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत दर्ज मामले में दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई करेगा। यह मामला वर्ष 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की कथित साजिश के आरोप में दर्ज किया गया है।
इमाम ने निचली अदालत द्वारा जमानत अर्जी खारिज करने के फैसले को चुनौती दी है और उसकी अर्जी को सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और रजनीश भटनागर की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र इमाम पर संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ भाषण देने का आरोप है खासतौर पर दिसंबर 2019 में दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में।
इमाम ने अपनी अर्जी में कहा है कि कोई भी स्वीकार्य सामग्री के अभाव में निचली अदालत ने गलत तरीके से उसे दंगे कराने की साजिश का हिस्सा पाया और प्रथमदृष्टया उसके खिलाफ सख्त ‘‘ गैरकानूनी गतिविधि (निषेध) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत ‘‘ आतंकवादी कृत्य’’ का कोई मामला नहीं बनता।
इमाम ने अर्जी में कहा कि वह पीएचडी पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष का छात्र है और उसका पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अर्जी में कहा गया कि निचली अदालत यह गौर करने में असफल रही कि पूरी जांच में खामी है और उसके भाषण व हिंसा में कोई संबंध नहीं है।
अर्जी में दावा किया गया है कि इमाम को दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ ‘ लक्षित अभियान के हिस्से’’के तहत गिरफ्तार किया और जब उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा हुई थी तब वह पहले ही अन्य मामलों में हिरासत में था, और उसका कथित सह षडयंत्रकारियों के साथ कोई संवाद नहीं हुआ था।
विशेष न्यायाधीश अमिताभ रावत ने 11 अप्रैल को भारतीय दंड संहिता और यूएपीए के तहत आरोपी शरजील इमाम को राहत देने से इंकार कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता अधिनियम के समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प होने के बाद सांप्रदायिक हिंसा शुरू हो गई थी।
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