देश की खबरें | बिना मंजूरी लिये आरोप पत्र दाखिल करने को लेकर दिल्ली पुलिस को फटकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने आरोपी को सलाखों के पीछे रखने के इरादे से आवश्यक अनुमति के बिना आरोप पत्र दाखिल करने के लिये दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को फटकार लगाई।
नयी दिल्ली, आठ सितंबर दिल्ली की एक अदालत ने आरोपी को सलाखों के पीछे रखने के इरादे से आवश्यक अनुमति के बिना आरोप पत्र दाखिल करने के लिये दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को फटकार लगाई।
अपराध शाखा अदालत के निर्देश के बावजूद आरोप पत्र दाखिल करने की मंजूरी लेने में नाकाम रही, जिसके बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग ने शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत देते हुए जांच एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई।
न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी के खिलाफ केवल शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत आरोप तय किये गए और अदालत इसलिये अपराध पर संज्ञान नहीं ले पाई क्योंकि बार-बार अवसर दिये जाने और निर्देशों के बावजूद आरोप पत्र दाखिल करने के लिये अनुमति नहीं ली गई।
अदालत ने कहा कि अपराध शाखा द्वारा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत आरोप पत्र दाखिल किये जा रहे हैं। इसके लिये काफी समय गुजरने के बाद भी अधिनियम की धारा 39 के तहत आवश्यक मंजूरी नहीं ली जा रही।
मजिस्ट्रेट अदालत ने जोर देकर कहा कि यह जानते हुए भी कि अदालत अपराध पर संज्ञान नहीं लेगी, आरोप पत्र दाखिल किये जाने का एकमात्र उद्देश्य आरोपी को स्वाभाविक जमानत के उसके अधिकार से वंचित करके उसे सलाखों के पीछे रखना है।
उन्होंने कहा, ''मैं उपरोक्त मामले को पुलिस आयुक्त, दिल्ली के संज्ञान में लाना उचित समझता हूं और उन्हें निर्देश देता हूं कि वे दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।''
अदालत ने कहा कि 27 अगस्त को अपराध शाखा के डीसीपी को तीन दिनों के भीतर शस्त्र अधिनियम की धारा 39 के तहत मंजूरी दाखिल करने का अंतिम मौका दिया गया था। अदालत ने इसे अनसुना करने पर अफसोस जताया।
न्यायाधीश ने सात सितंबर के अपने आदेश में आरोपी की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए कहा, “आरोपी को अनिश्चित काल के लिए हिरासत में नहीं रखा जा सकता। तदनुसार उसे जमानत पर रिहा किया जाता है।‘’
सुनवाई के दौरान, पुलिस ने इस आधार पर आरोपी की जमानत याचिका का विरोध किया कि वह ''अनिल दुजाना गिरोह'' का सदस्य है, और पहले से 13 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और वह आगे भी इस तरह के अपराध कर सकता है।
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