देश की खबरें | हरियाणा खादी बोर्ड के पूर्व कर्मचारी पर दिल्ली पुलिस ने किया मामला दर्ज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की छवि खराब करने के ‘‘दुर्भावना पूर्ण’’ इरादे से कथित तौर पर गलत आपराधिक शिकायत दर्ज कराने के आरोप में हरियाणा खादी बोर्ड का एक पूर्व असंतुष्ट कर्मचारी दिल्ली पुलिस के शिकंजे में आ गया है।

नयी दिल्ली, तीन जुलाई खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की छवि खराब करने के ‘‘दुर्भावना पूर्ण’’ इरादे से कथित तौर पर गलत आपराधिक शिकायत दर्ज कराने के आरोप में हरियाणा खादी बोर्ड का एक पूर्व असंतुष्ट कर्मचारी दिल्ली पुलिस के शिकंजे में आ गया है।

आरोपी ने केवीआईसी पर हाथी दांत और व्हेल मछली के बने सामान बेचने का आरोप लगाते हुए संस्था के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी।

यह भी पढ़े | Corona Update: भारत में Covid-19 की रिकवरी रेट 60.73% हुई, 24 घंटे के भीतर आए 20 हजार 903 नए मामले.

आरोपी नरेश कादयान सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध फर्जी शिकायतें दर्ज कराने के लिए खुद को आरटीआई और सामाजिक कार्यकर्ता बताता था।

इंद्रप्रस्थ एस्टेट पुलिस थाने में कादयान द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में गलत जानकारी प्रदान करने के लिए दिल्ली पुलिस ने उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत मामला दर्ज किया है।

यह भी पढ़े | गलवानी घाटी में घायल हुए सैनिकों से पीएम मोदी ने की मुलाकात : 3 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

यहां स्थित एक अदालत में दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट सौंपी और कहा कि कादयान पर “जानबूझकर और इरादतन” यह तथ्य छुपाने का आरोप है कि केवीआईसी किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित सामान का व्यापार नहीं करता।

पुलिस के अनुसार केवीआईसी ने कादयान द्वारा दायर की गई आरटीआई का जवाब जनवरी 2020 में दिया था लेकिन कादयान ने जांच को गुमराह करने के लिए यह तथ्य पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में छुपाया।

जांच के बाद पुलिस ने अदालत को बताया कि “केवीआईसी न तो हाथी दांत और न ही व्हेल मछली की हड्डियों जैसी प्रतिबंधित चीजों का व्यापार करता है न ऐसी सामग्री उसके पास है।”

पुलिस ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने यह भी बताया कि राजघाट में स्थित केवीआईसी के कार्यालय की तलाशी ली गई थी लेकिन हाथी दांत या व्हेल की हड्डी नहीं मिली।

इस दौरान केवीआईसी का लगातार यह मानना था कि कादयान का इतिहास मलिन रहा है और नियुक्ति के समय से ही वह किसी न किसी विवाद में शामिल रहा है।

केवीआईसी ने पुलिस को बताया कि 1984 में हरियाणा खादी बोर्ड में कादयान ने कथित तौर पर फर्जी डिग्री दिखाकर नौकरी पाई थी और उसे 1986 में नौकरी से निकाल दिया गया था।

हालांकि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश से उसे वापस नौकरी पर रख लिया गया था।

केवीआईसी के अनुसार तभी से कादयान के ऊपर सेवा नियमों के उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं से लेकर ड्यूटी के दौरान नशा करने के आरोप लगते रहे हैं।

अपने ऊपर लगे आरोपों से शिकंजा कसता देख कादयान ने 2014 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Australia Women vs India Women ODI Stats: वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक-दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा है भारत महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला का प्रदर्शन, यहां देखें दोनों टीमों के आंकड़े

Pakistan vs Sri Lanka, 50th Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका को हराकर भी टूर्नामेंट से बाहर हुआ पाकिस्तान, न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में बनाई जगह; यहां देखें PAK बनाम SL मैच का स्कोरकार्ड

India vs West Indies, T20 World Cup 2026 52nd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा टीम इंडिया बनाम वेस्टइंडीज के बीच सुपर-8 का महामुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Kolkata Weather And Rain Forecast For India vs West Indies Match: कोलकाता में भारत बनाम वेस्टइंडीज सुपर 8 मुकाबले पर बारिश का खतरा नहीं, लेकिन ओस बन सकती है बड़ा फैक्टर

\