देश की खबरें | दिल्ली पुलिस ने नागरिक समाज संगठन को मणिपुर हिंसा पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी
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नयी दिल्ली, 23 जुलाई दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए मणिपुर में जातीय हिंसा को लेकर एक नागरिक समाज संगठन को एकजुटता बैठक आयोजित करने की अनुमति देने से रविवार को इनकार कर दिया। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई है।
कॉन्फ्रेंस फॉर ह्यूमन राइट्स (इंडिया) ने रविवार को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सीआर पार्क में एकजुटता बैठक आयोजित करने की योजना बनाई थी और इसके लिए स्थानीय पुलिस से अनुमति मांगी थी।
संगठन की महासचिव ननिता शर्मा को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र में पुलिस ने कहा, "...सूचित किया जाता है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मार्केट नंबर 2 में एकजुटता बैठक आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई है।"
मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की बहुसंख्यक मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
मणिपुर में एक समुदाय की दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने का एक वीडियो वायरल होने के बाद देश में आक्रोश का माहौल है। यह घटना चार मई को हुई थी, जिसका वीडियो 19 जुलाई को सामने आया।
मणिपुर की आबादी में मेइती लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं, जबकि नगा और कुकी सहित आदिवासी 40 प्रतिशत हैं और वे ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं।
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