देश की खबरें | दिल्ली पुलिस आयुक्त ने सिंघु बार्डर का दौरा किया, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 26 दिसम्बर दिल्ली पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव ने शनिवार को सिंघु बार्डर का दौरा किया और वहां कानून एवं व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया जहां किसान केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि बार्डर पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती है।

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘सिंघु बार्डर पर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। इस स्तर पर इसकी कोई आशंका नहीं है कि कुछ (अप्रिय) होगा, लेकिन हम सतर्क हैं और बार्डर पर पर्याप्त बल तैनात है। हम सभी एजेंसियों और बलों के साथ तालमेल बनाए हुए हैं। हम जानकारी साझा कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की यातायात इकाई उन सड़कों के बारे में सलाह लगातार साझा कर रही है, जो अवरुद्ध हैं।’’

किसान 27 नवंबर को सिंघु बार्डर पर पहुंचे थे।

सीमा बिंदुओं पर लोगों को यातायात की स्थिति के बारे में सूचित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने ट्विटर का सहारा लिया।

उसने ट्वीट किया, ‘‘सिंघु, औचंदी, लामपुर, पियु मनियारी, सबोली और मंगेश बॉर्डर बंद। कृपया साफियाबाद, पल्ला और सिंघु स्कूल टोल टैक्स बार्डर के रास्ते वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। मुकरबा और जीटीके रोड से यातायात को मोड़ा गया है। कृपया बाहरी रिंग रोड, जीटीके रोड और एनएच 44 से परहेज करें।’’

उसने ट्वीट किया, ‘‘किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण नोएडा और गाज़ियाबाद से दिल्ली आने वाले यातायात के लिए चिल्ला और गाजीपुर बार्डर बंद है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे दिल्ली आने के लिए आनंद विहार, डीएनडी, अपसरा, भोपुरा और लोनी बार्डर के वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।’’

सितंबर में लागू, तीन कृषि कानूनों को केंद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में बड़े सुधारों के रूप में पेश किया गया है जो बिचौलियों को हटाएंगे और किसानों को अपनी उपज देश में कहीं भी बेचने की अनुमति देंगे।

हालांकि, प्रदर्शनकारी किसानों ने यह आशंका व्यक्त की है कि नए कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की सुरक्षा को खत्म करने और मंडी प्रणाली समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगे तथा उन्हें बड़े कॉर्पोरेट की दया पर छोड़ देंगे।

सरकार ने बार-बार कहा है कि एमएसपी और मंडी प्रणाली जारी रहेगी। सरकार ने साथ ही विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया है।

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