जरुरी जानकारी | दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह कारोबार का मिलाजुला रुख

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेजी के रुख और देश में त्योहारी मांग बढ़ने के बीच पिछले सप्ताह खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य को बाजार से कम भाव पर निर्धारित किये जाने की वजह से तेल-तिलहन बाजार में कारोबार का मिलाजुला रुख दिखाई दिया। सरसों, सोयाबीन तेल तथा सीपीओ एवं पामोलीन के भाव जहां हानि के रुख के साथ बंद हुए, वहीं बीते सप्ताह मूंगफली दाना सोयाबीन दाना और बिनौला मिल डिलीवरी तेल (हरियाणा) के भाव लाभ दर्शाते बंद हुए।

नयी दिल्ली, 21 मार्च विदेशी बाजारों में तेजी के रुख और देश में त्योहारी मांग बढ़ने के बीच पिछले सप्ताह खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य को बाजार से कम भाव पर निर्धारित किये जाने की वजह से तेल-तिलहन बाजार में कारोबार का मिलाजुला रुख दिखाई दिया। सरसों, सोयाबीन तेल तथा सीपीओ एवं पामोलीन के भाव जहां हानि के रुख के साथ बंद हुए, वहीं बीते सप्ताह मूंगफली दाना सोयाबीन दाना और बिनौला मिल डिलीवरी तेल (हरियाणा) के भाव लाभ दर्शाते बंद हुए।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि सीपीओ का बाजार भाव 1,170 डॉलर प्रति टन था लेकिन आयात शुल्क मूल्य 1,071 डॉलर प्रति टन निर्धारित किया गया। इससे सरकार को 250 रुपये प्रति क्विन्टल के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी प्रकार सोयाबीन के 1,285 डॉलर प्रति टन के बाजार भाव के मुकाबले आयात शुल्क मूल्य 1,210 डॉलर प्रति टन रखा गया है। इसमें भी लगभग 200 रुपये प्रति क्विन्टल के सरकारी राजस्व का नुकसान होता है, साथ ही स्थानीय किसानों पर दबाव बनता है।

सूत्रों ने कहा कि आयात शुल्क मूल्य बाजार भाव से तीन-चार प्रतिशत कम भाव पर निर्धारित किये जाने की वजह से तेल आयातक परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि आयात शुल्क मूल्य बाजार भाव से कम कीमत पर निर्धारित किये जाने से उपभोक्ताओं को कोई लाभ नहीं पहुंचता बल्कि उन्हें तेल महंगे दाम पर ही मिलता है।

कारोबारियों ने बताया कि इस समय नयी सरसों की पूरे राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत सभी मंडियों में रोज आठ—दस बोरी की आवक हो रही है। अगले माह सूरजमुखी की बिजाई शुरू होने जा रही है। तेल उद्योग का मानना है कि इस समय सरसों और सोयाबीन के दाम अच्छे मिल रहे हैं। इसे यदि सुनिश्चित किया जा सके, तो किसान धन और गेहूं की जगह तिलहनों की खेती को प्रेरित होंगे और उत्पादन दोगुना हो सकता है। इससे तेल आयात पर निर्भरता भी कम हो सकती है और सवा से डेढ़ लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा का फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की देश के साथ-साथ विदेशों से निर्यात की भारी मांग है। इसकी वजह से सोयाबीन दाना और लूज की कीमतों में सुधार देखने को मिला है। सोयाबीन डीओसी का भारत का निर्यात फरवरी, 2020 में 1.28 लाख टन था, जो फरवरी, 2021 में 3.93 लाख टन रहा।

मंडियों में सोयाबीन तिलहन की आवक कम है और सोयाबीन की बड़ियां बनाने वाली कंपनियों को सोयाबीन के बेहतर दानों को लगभग 6,800 रुपये क्विन्टल के भाव खरीद करनी पड़ रही है। सोयाबीन की आगामी फसल के लिए सरकार को इसके बेहतर दानों का अभी से इंतजाम रखना होगा और मौजूदा बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को देखते हुए इसका अगला उत्पादन काफी बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि गुजरात में मूंगफली के साथ बिनौला तेल की मांग रहती है। बिनौला तेल की पेराई अब बंद होने के कगार पर है। बिनौला तेल की कमी को देखते हुए मूंगफली की मांग बढ़ी है। इस स्थिति में मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया है। बिनौला तेल की मांग बढ़ने से बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार देखने को मिला। इसके साथ विदेशों में बिनौला खल की मांग बढ़ने से कीमतों में 250 रुपये क्विन्टल की तेजी आई। मक्का खल के भाव में तेजी है। यह गुणवत्ता वाली खल मानी जाती है।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन दाना और लूज के भाव पिछले सप्ताहांत के मुकाबले क्रमश: 135 रुपये और 125 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 5,690-5,720 रुपये और 5,525-5,575 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।

दूसरी ओर सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और सीयाबीन डीगम तेल का भाव क्रमश: 350 रुपये, 350 रुपये और 210 रुपये की हानि दर्शाते क्रमश: 13,650 रुपये, 13,300 रुपये और 12,440 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ।

बाजार में त्योहारी मांग होने और बाकी तेलों के मुकाबले सस्ता होने के साथ साथ मिलावट से मुक्त होने के बावजूद आयात किये जाने वाले दो प्रमुख तेल सीपीओ और सोयाबीन डीगम के आयात शुल्क मूल्य बाजार से कम भाव पर निर्धारित किये जाने का असर सरसों पर दिखा। गत सप्ताहांत सरसों दाना 70 रुपये की हानि दर्शाता 5,900-5,950 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल 500 रुपये की गिरावट के साथ 12,700 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ। सरसों पक्की घानी और कच्ची धानी तेल की कीमत 35-35 रुपये की हानि के साथ क्रमश: 2,040-2,130 रुपये और 2,170 -2,285 रुपये प्रति टिन पर बंद हुई।

दूसरी ओर निर्यात गतिविधियों में आई तेजी और स्थानीय त्योहारी मांग के कारण मूंगफली दाना सप्ताहांत में 30 रुपये के सुधार के साथ 6,245-6,310 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ। मूंगफली गुजरात तेल 150 रुपये लाभ के साथ 15,300 रुपये क्विन्टल और मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड की कीमत भी समीक्षाधीन सप्ताहांत में 25 रुपये सुधरकर 2,465-2,525 रुपये प्रति टिन बंद हुई

आयात शुल्क मूल्य बाजार भाव के हिसाब से नहीं निर्धारित किये जाने की वजह से समीक्षाधीन सप्ताहांत में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का भाव 150 रुपये घटकर 11,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। जबकि पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल के भाव क्रमश: 250 - 250 रुपये घटकर क्रमश: 13,150 रुपये और 12,150 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताहांत में बिनौला तेल का भाव 130 रुपये का सुधार दर्शाता 12,680 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ वहीं मक्का खल की मांग बढ़ने से इसका भाव 35 रुपये सुधरकर 3,600 रुपये क्विन्टल हो गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs West Indies, 3rd T20I Match Scorecard: इंदौर में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के सामने रखा 224 रनों का लक्ष्य, अभिषेक शर्मा ने खेली तूफानी पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

Pakistan vs Sri Lanka, 2nd T20I Match Scorecard: रावलपिंडी में पाकिस्तान ने श्रीलंका के सामने रखा 216 रनों का लक्ष्य, माज़ सादाकत ने खेली 96 रनों की विस्फोटक पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

India vs West Indies, 3rd T20I Match Live Score Update: इंदौर में टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच खेला जा रहा है सीरीज का तीसरा मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? इंदौर में भारत बनाम वेस्टइंडीज के बीच तीसरे टी 20 मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट