देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूएपीए प्राथमिकी के खिलाफ प्रबीर पुरकायस्थ की याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा

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नयी दिल्ली, 16 फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को समाचार पोर्टल न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा।

पुरकायस्थ ने याचिका में चीन के समर्थन में प्रचार करने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी है।

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने याचिका पर नोटिस जारी किया है जो अक्टूबर, 2023 में पत्रकार की गिरफ्तारी के बाद दायर की गयी थी।

दिल्ली पुलिस के वकील ने याचिका पर नोटिस जारी करने का विरोध किया और अदालत को सूचित किया कि समाचार पोर्टल के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती इस मामले में सरकारी गवाह बन गए हैं।

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पिछले साल तीन अक्टूबर को पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। यह दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

प्राथमिकी के अनुसार, "भारत की संप्रभुता को बाधित करने" और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के लिए पोर्टल को चीन से बड़ी मात्रा में धन मिला था।

इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि पुरकायस्थ ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए एक समूह 'पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म' (पीएडीएस) के साथ साजिश रची थी।

पुरकायस्थ ने अपनी याचिका में कहा है कि यूएपीए के तहत दर्ज प्राथमिकी दूसरी शिकायत है जो "समान आरोपों और समान कथित साजिश" के तहत दर्ज की गई है। इसमें कहा गया है कि पहली प्राथमिकी में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा जांच की जा रही है तो दूसरी प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति नहीं है।

इसमें कहा गया है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ यूएपीए या भारतीय दंड संहिता(आईपीसी) के तहत कोई अपराध नहीं बनता है और प्राथमिकी दुर्भावनापूर्ण है।

याचिका के अनुसार ,''प्राथमिकी उक्त कंपनी द्वारा किए गए विशुद्ध रूप से किए गए पत्रकारिता कार्य पर केंद्रित है जिसमें मौजूदा सरकार के कामकाज, नीतियों आदि के बारे में आलोचना शामिल हो सकती है। निष्पक्ष पत्रकारिता और सरकार की आलोचना को भारत की संप्रभुता या अखंडता पर सवाल उठाना नहीं माना जा सकता है।''

पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में नामित संदिग्धों और आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आए नामों के आधार पर पिछले वर्ष तीन अक्टूबर को दिल्ली में 88 और अन्य राज्यों के सात स्थानों पर छापे मारे गए थे।

न्यूजक्लिक के कार्यालयों और जिन पत्रकारों की जांच की गई उनके आवासों से लगभग 300 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए। वहीं, छापेमारी के बाद विशेष प्रकोष्ठ ने नौ महिला पत्रकारों समेत 46 लोगों से पूछताछ की।

उच्च न्यायालय ने 13 अक्टूबर को पुरकायस्थ और चक्रवर्ती की गिरफ्तारी और उसके बाद पुलिस हिरासत में भेजे जाने के मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था।

अगली सुनवाई जुलाई में होगी।

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