देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय ने बेटी के यौन उत्पीड़न के आरोपी को जमानत दी
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नयी दिल्ली, 16 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न के आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि वह इस बात से अपनी आंखें नहीं मूंद सकता कि लड़की के माता-पिता के बीच वैवाहिक विवाद है। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि लड़की को बहला-फुसलाकर यह आरोप लगवाया गया हो।
न्यायमूर्ति विकास महाजन ने पाया कि लड़की चार साल से अधिक समय से अपनी मां के साथ रह रही है और प्राथमिकी दर्ज करने में अत्यधिक देरी हुई है।
अदालत ने कहा कि लड़की की मां और पिता ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराईं और मां की पिछली शिकायतों में यौन उत्पीड़न की कथित घटनाओं का “जरा भी संदर्भ नहीं है।”
अदालत ने एक हालिया आदेश में कहा, “निस्संदेह, आरोप गंभीर हैं, लेकिन यह अदालत इस तथ्य से अपनी आंखें बंद नहीं कर सकती कि पीड़िता के माता-पिता के बीच वैवाहिक विवाद है...लिहाजा इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि शिकायतकर्ता ने अपनी अभिरक्षा में मौजूद नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर याचिकाकर्ता पर झूठा आरोप लगवाया हो।”
याचिकाकर्ता व्यक्ति ने जमानत मांगते हुए अदालत को बताया कि उसके और पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद है और लगभग 15 साल की उसकी बेटी अपनी मां के साथ रह रही है जबकि 10 साल का बेटा उसकी अभिरक्षा में है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी एक पुलिस अधिकारी के साथ रह रही है जो फर्जी शिकायतें दर्ज कराने में उसकी मदद कर रहा है।
याचिकाकर्ता को 21 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
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