देश की खबरें | दिल्ली सरकार खाने-पीने की दुकानों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण करेगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार खाने-पीने की दुकानों को बढ़ावा देने, लाइसेंसिंग को सुव्यवस्थित करने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए सस्ती और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं स्थापित करेगी। बुधवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है।
नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर दिल्ली सरकार खाने-पीने की दुकानों को बढ़ावा देने, लाइसेंसिंग को सुव्यवस्थित करने और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए सस्ती और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं स्थापित करेगी। बुधवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है।
बयान में कहा गया है कि यह पहल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दृष्टिकोण से प्रेरित है और इससे विनियमन आसान हो जाएंगे तथा दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) के माध्यम से किफायती, आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा। इससे खाने-पीने की स्थानीय दुकानों, ‘क्लाउड किचन’ और ‘डिलीवरी-ओनली’ सेवाओं के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
दिवाली के मौके पर खाने-पीने की दुकानों को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एक नयी नीति प्रस्तावित की गई है।
बयान में कहा गया है कि इस पहल के अगले 15 दिनों में प्रभावी होने की उम्मीद है।
दिल्ली के उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, “यह नीति“क्लाउड किचन’, ‘घोस्ट किचन’ और अन्य ‘नॉन-डाइन-इन डिलीवरी आउटलेट्स’ सहित खाने-पीने के व्यवसायों के बढ़ते क्षेत्र को समर्थन देने के लिए एक अग्रणी दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।”
“क्लाउड किचन’, ‘घोस्ट किचन’ और अन्य ‘नॉन-डाइन-इन डिलीवरी आउटलेट्स’ से मतलब ऐसे स्थान से जहां से खाना पैक कराकर ले जाया जाए।
उन्होंने कहा, “ व्यावसायिक परिचालन को सरल बनाने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई यह नीति 2024 से 2029 तक प्रभावी रहेगी। इसका उद्देश्य नियामक बाधाओं को कम करना, लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रोजगार में वृद्धि और कौशल विकास के अवसर पैदा करना है।
बयान के मुताबिक, खाने-पीने के सामान की आपूर्ति से जुड़ी सेवाओं की बढ़ती मांग के मद्देनजर दिल्ली सरकार की नई नीति एक मजबूत नियामक ढांचा प्रदान करती है जो खाने-पीने की ‘गैर-डाइन-इन’दुकानों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करती है। राष्ट्रीय राजधानी में फिलहाल 20 हजार से ज्यादा ऐसी दुकानें हैं।
इसमें कहा गया है कि नीति में लाइसेंसिंग के लिए एक समर्पित एकल खिड़की पोर्टल पेश किया गया है, जिससे परेशानी मुक्त अनुमोदन की सुविधा मिलती है और अनुपालन को सरल बनाया जाता है। इस पोर्टल को खाने-पीने की दुकानों को खोलना और उनके संचालन को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
बयान में कहा गया है कि 250 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाली दुकानों को अग्निशमन विभाग की एनओसी की आवश्यकता से छूट दी गई है, बशर्ते वे आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों। श्रम विभाग खाने-पीने की स्वीकृत दुकानों को चौबीसों घंटे काम करने की अनुमति देगा, तथा त्वरित स्वीकृति के लिए 30 दिनों के भीतर आवेदनों पर कार्रवाई करेगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 30, 2024 05:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

