देश की खबरें | कल्याण योजना के तहत वकीलों को बीमा मुहैया कराने के लिए निविदा आमंत्रित करे दिल्ली सरकार : अदालत

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नयी दिल्ली, 18 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली बार काउंसिल से पंजीकृत वकीलों को मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना के तहत मेडिक्लेम और टर्म बीमा प्रदान करने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने का बृहस्पतिवार को आप सरकार को निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया। याचिका में अनुरोध किया गया है कि उससे पंजीकृत 29,098 अधिवक्ताओं के लिए मेडिक्लेम और टर्म बीमा मुहैया करायी जाए।

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बीसीडी अध्यक्ष के सी मित्तल द्वारा दायर याचिका के अनुसार कुल 37, 135 वकील हैं जो दिल्ली में पंजीकृत मतदाता हैं और उनमें से 29,098 बीसीडी के सदस्य हैं और इसे सत्यापित किया गया है।

मित्तल और गृह मंत्रालय की ओर से पेश केंद्र सरकार के स्थायी वकील अनिल सोनी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने बीसीडी को भी ऐसे पंजीकृत वकीलों की सूची देने को कहा है जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहते हैं।

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सोनी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से बीसीडी द्वारा पंजीकृत और सत्यापित 29,098 वकीलों को बीमा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।

बीसीडी की याचिका के अलावा इसी तरह की दो अन्य याचिकाओं पर भी अदालत ने विचार किया और अब तीनों को 17 जुलाई को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

बीसीडी ने अपनी दलील में कहा कि 17 दिसंबर, 2019 के कैबिनेट के फैसले में दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री अधिवक्ता कल्याण योजना के तहत वैसे वकीलों को पांच लाख रुपये का चिकित्सा बीमा और 10 लाख रुपये का टर्म बीमा देने का फैसला किया है, जो राष्ट्रीय राजधानी के निवासी हैं।

याचिका में कहा गया है कि 2019-20 में कोई योजना उपलब्ध नहीं कराई गई और कोरोना वायरस संकट के दौरान भी कुछ नहीं किया गया।

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