देश की खबरें | दिल्ली सरकार ने नो-एंट्री के दौरान 250 मार्गों पर इलेक्ट्रिक हल्के वाणिज्यिक वाहनों को मंजूरी दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शहर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के साथ, दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि बिजली के हल्के वाणिज्यिक वाहनों को नो-एंट्री घंटों के दौरान लगभग 250 सड़कों पर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
नयी दिल्ली, 18 नवंबर शहर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के साथ, दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि बिजली के हल्के वाणिज्यिक वाहनों को नो-एंट्री घंटों के दौरान लगभग 250 सड़कों पर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन विभाग पारंपरिक आंतरिक दहन इंजनों को बिजली से चलने वाले इंजनों से बदलने के लिए इलेक्ट्रिक किट के निर्माताओं को पैनल में शामिल करेगा।
गहलोत ने कहा कि पिछले साल शुरू की गई दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति सब्सिडी के अलावा गैर-वित्तीय प्रोत्साहन भी प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि जब ईवी नीति शुरू की गई थी, तब केवल बिजली से चलने वाले 46 हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) थे जो अब बढ़कर 1,054 हो गए हैं।
यह कहते हुए कि कुल वाहन पंजीकरण में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रतिशत अब लगभग 7 प्रतिशत हो गया है, मंत्री ने उम्मीद जताई कि ईवी नीति में लक्ष्य के अनुसार 2024 तक इसे और बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डीजल वाहनों के पुन:संयोजन (रेट्रोफिटिंग) से वे निर्धारित 10 वर्षों से अधिक समय तक इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में उपयोग में आ सकेंगे।
गहलोत ने ट्वीट किया, “दिल्ली अब आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) के इलेक्ट्रिक इंजन के तौर पर पुन:संयोजन के लिये खुली है! वाहन यदि फिट पाए जाते हैं तो वे अपने डीजल इंजन को इलेक्ट्रिक इंजन में बदल सकते हैं, विभाग अनुमोदित परीक्षण एजेंसियों द्वारा शुद्ध इलेक्ट्रिक किट के निर्माताओं को सूचीबद्ध करेगा। एक बार पैनल में आने के बाद यह वाहनों को यहां 10 साल से आगे चलने में सक्षम बनाएगा।”
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