देश की खबरें | दिल्ली की अदालत ने नाबालिग घरेलू सहायिका से मारपीट के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी

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नयी दिल्ली, 19 सितंबर दिल्ली की एक अदालत ने द्वारका में एक नाबालिग घरेलू सहायिका के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार एक पायलट के पति को मंगलवार को जमानत दे दी।

अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप जमानत याचिका खारिज करने का एकमात्र मानदंड नहीं हो सकते।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शमा गुप्ता ने यह भी कहा कि 'सामान्य नियम जमानत है, जेल नहीं'।

न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करना आवश्यक नहीं है और आरोपी के न्याय प्रक्रिया से भागने की कोई संभावना नहीं है। अदालत कानूनी फर्म करंजावाला एंड कंपनी की ओर से दायर आरोपी कौशिक तालपात्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

अदालत ने कहा कि उसने आरोपी की दलीलों पर गौर किया, जिसके अनुसार उसकी पत्नी पूर्णिमा नीलकांत सोमकुवर (एक पायलट) को इस साल 17 अगस्त को जमानत दे दी थी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुप्ता ने कहा, ‘‘मौजूदा मामले में, इसमें कोई संदेह नहीं है कि आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, लेकिन जमानत आवेदन को खारिज करने का यही एकमात्र मानदंड नहीं है, क्योंकि कानून का सामान्य नियम जमानत है, जेल नहीं। जमानत का उद्देश्य मुकदमे में आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करना और जांच के निष्कर्ष को सुनिश्चित करना है।’’

दंपति ने कथित तौर पर अपने घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली 10 वर्षीय लड़की के साथ मारपीट की थी। इस घटना के 19 जुलाई को सामने आने के बाद भीड़ ने दंपति के साथ मारपीट की थी।

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