देश की खबरें | दिल्ली की अदालत ने भारत के बाहर 329 करोड़ रुपये के अवैध अंतरण से जुड़े मामले में आरोपी को जमानत दी

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नयी दिल्ली, 22 फरवरी दिल्ली की एक अदालत ने “जाली” आयात बिल का उपयोग करके भारत के बाहर 329 करोड़ रुपये के कथित अवैध धन अंतरण से जुड़े धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार एक व्यक्ति को जमानत दे दी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अपर्णा स्वामी ने 15 सितंबर, 2024 को हिरासत में लिए गए जतिन चोपड़ा को राहत देते हुए कहा कि “आगे की जांच लंबित होने के कारण, आवेदक का मुकदमा शुरू नहीं किया जा सकता”।

न्यायाधीश ने 20 फरवरी को सुनाए गए आदेश में कहा, “यदि आवेदक को आगे की जांच पूरी होने तक हिरासत में रहने दिया जाता है, तो इससे कानून का उद्देश्य विफल हो जाएगा, जो आरोपी को जांच लंबित रहने के कारण 90 दिनों से अधिक हिरासत में न रखे जाने के अधिकार की गारंटी देता है।”

याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता ध्रुव गुप्ता ने पक्ष रखा।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चोपड़ा को गिरफ्तार किया था और दावा किया था कि कई बार तलब किए जाने के बावजूद वह जांच में शामिल होने में “विफल” रहे।

धन शोधन का मामला दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है।

ईडी ने पिछले साल जुलाई में इस मामले में आशीष कुमार वर्मा, विपिन बत्रा, रूपेश बत्रा और मोहन मदान को गिरफ्तार किया था।

संघीय एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने 20 फर्जी या छद्म प्रतिष्ठान बनाए और कई बैंक खाते खोले, जिनका इस्तेमाल पैन, आधार और मतदाता पहचान पत्र जैसे फर्जी और जाली दस्तावेजों के बल पर 452,31,799 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा हासिल करने के लिए किया गया।

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