नयी दिल्ली, 15 फरवरी कांग्रेस की दिल्ली इकाई के प्रमुख देवेंद्र यादव ने शनिवार को अरविंद केजरीवाल (मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान) के आधिकारिक आवास के नवीनीकरण में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश देने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया और कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को उठाने वाली पहली पार्टी थी।
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा छह फ्लैगस्टाफ रोड बंगले के विस्तार के लिए संपत्तियों के कथित विलय और इसके आंतरिक कार्यों पर किए गए व्यय की जांच के आदेश दिये जाने के बाद यादव की यह टिप्पणी आई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बंगले के नवीनीकरण में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए इस बंगले को ‘शीश महल’ नाम दिया है।
केजरीवाल 2015 से अक्टूबर 2024 के पहले सप्ताह तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में इस बंगले में रहे थे।
यादव ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा जांच का आदेश देने के सीवीसी के फैसले का स्वागत किया।
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से कहा, “हमें किसी भी तरह की जांच से कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। अगर जांच में कुछ अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो कार्रवाई की जानी चाहिए।”
यादव ने दिल्ली और देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, “जब यह ‘शीश महल’ बनाया जा रहा था तब दिल्ली और पूरे देश में लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिल रही थी और अस्पतालों में बिस्तर तक उपलब्ध नहीं थे।”
यादव ने दावा किया कि कांग्रेस की दिल्ली इकाई ने सबसे पहले मुख्यमंत्री आवास के जीर्णोद्धार और शराब नीति को लागू किये जाने में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा, “इसकी निश्चित रूप से जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसे दंडित किया जाना चाहिए। किसी को भी जांच से डरना नहीं चाहिए और न ही इससे भागना चाहिए।”
यादव ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के ‘नाम बदलने और उन्हें बढ़ाचढ़ाकर’ पेश करने को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “भाजपा लगातार नाम बदलने में लगी हुई है। यही उनकी राजनीति है। लेकिन नाम बदलने से लोगों को मिलने वाली चीजों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।”
कांग्रेस की दिल्ली इकाई के प्रमुख ने कहा कि एक जिम्मेदार राजनीतिक दल के रूप में कांग्रेस तीन-चार महीने तक प्रतीक्षा और नजर रखने की नीति अपनाएगी लेकिन अगर भाजपा सरकार लोगों के मुद्दों का समाधान नहीं करती है, तो ‘हम इन्हें मजबूती से उठाएंगे’।
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता की पूर्व में की गयी दो शिकायतों और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की तथ्यात्मक रिपोर्टों पर संज्ञान लिया, जिसके आधार पर उसने अब सीपीडब्ल्यूडी को विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है।
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