देश की खबरें | दिल्ली: किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज

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नयी दिल्ली, 20 अगस्त दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ एक किशोरी से कई बार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया यह घटना उस वक्त हुई जब एक अक्टूबर, 2020 को अपने पिता के निधन के बाद किशोरी आरोपी और उसके परिवार के साथ उनके घर पर रह रही थी। आरोपी महिला एवं बाल विकास विभाग में उपनिदेशक है।

उन्होंने बताया कि आरोपी ने नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच किशोरी से कथित तौर पर कई बार बलात्कार किया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पत्नी पर गर्भ को समाप्त करने के लिए लड़की को दवा देने का भी आरोप लगाया गया है।

मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिल्ली सरकार ने कहा कि आरोपी अधिकारी के दोषी पाये जाने पर उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

सरकार ने एक बयान में कहा, ‘‘वह (आरोपी) डब्ल्यूसीडी विभाग में एक उपनिदेशक हैं। कथित मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, ऐसे में कानून को अपना काम करना चाहिए। दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा और बच्चों के यौन उत्पीड़न के इस तरह के गंभीर विषयों के प्रति संवेदनशील है।’’

बयान में कहा गया है, ‘‘यदि उन्होंने (आरोपी) इस तरह का कोई निंदनीय कृत्य किया है तब उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।’’

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मामला उस वक्त प्रकाश में आया, जब 12वीं कक्षा की छात्रा ने घटना के बारे में हाल में एक अस्पताल में एक काउंसलर को बताया। घबराहट महसूस (एंक्जाइटी अटैक) होने के बाद उसे वहां भर्ती कराया गया था।

अपने पिता की एक अक्टूबर 2020 को मौत हो जाने के बाद किशोरी, आरोपी और उसके परिवार के साथ उनके घर पर रह रही थी। आरोपी ने इस मौके का इस्तेमाल किशोरी का कथित तौर पर कई बार यौन उत्पीड़न करने के लिए किया।

अधिकारी ने बताया कि पीड़िता जब गर्भवती हो गई, तब उसने आरोपी की पत्नी को इसकी जानकारी दी, जिसने बाद में अपने बेटे को उसका गर्भपात कराने के लिए दवाइयां लाने को कहा और इसे किशोरी को दे दिया।

उन्होंने बताया कि किशोरी जनवरी, 2021 में अपनी मां के साथ घर लौटी। उसे इस साल अगस्त में घबराहट महसूस होने के बाद उसकी मां ने सेंट स्टीफेंस अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पीड़िता ने काउंसलिंग सत्र के दौरान पूरी घटना के बारे में बताया।

पुलिस ने बताया कि बाद में, अस्पताल ने बुराड़ी पुलिस थाने को इसकी सूचना दी और आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबद्ध धाराओं तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला आईपीसी की धारा 376 (2) (एफ) (अपनी हैसियत का दुरुपयोग कर महिला से बलात्कार करना), 509 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से कहा गया शब्द, इशारा या कृत्य), 506 (आपराधिक धमकी), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 313 (महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराना), 120 बी (आपराधिक साजिश) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।

अधिकारी ने बताया कि किशोरी का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया जाना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि मामले में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि अपने पिता की मृत्यु के बाद, किशोरी अपने एक पारिवारिक मित्र, अपने अभिभावक के साथ रहने लगी। उन्होंने कहा कि जिस चाचा की देखभाल और संरक्षण में वह उसके घर पर रह रही थी, उसने उसका यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और बार-बार बलात्कार किया।

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