विदेश की खबरें | संरा जलवायु वार्ता में प्रतिनिधि जीवाश्म ईंधन के उपयोग से ‘दूरी बनाने’ पर सहमत हुए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इसे दुनिया को संचालित करने के तरीके को बदलने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, सवाल यह है कि यह कितना जल्दी होगा और इस बदलाव के लिए भुगतान कौन करेगा।
इसे दुनिया को संचालित करने के तरीके को बदलने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, सवाल यह है कि यह कितना जल्दी होगा और इस बदलाव के लिए भुगतान कौन करेगा।
सीओपी28 के अध्यक्ष सुल्तान अल-जाबेर ने दो सप्ताह से अधिक की चर्चा के बाद दुबई में एक पूर्ण सत्र को संबोधित किया। इस चर्चा के दौरान धारती के तापमान में वृद्धि को पूर्व औद्योगिक काल के मुकाबले 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के उपाय ढूंढ़ने की कोशिश करने का प्रयास देशों ने किया।
हालांकि, वार्ता जीवाश्म ईंधन के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की वकालत करने वाले देशों तथा तेल, गैस और कोयले का उपयोग जारी रखने की वकालत करने वाले देशों के बीच विभाजित नजर आई।
नये प्रस्ताव में जीवाश्म ईंधन को "चरणबद्ध तरीके से खत्म करने" की मांग का जिक्र नहीं है, जिसके लिए 100 से अधिक देशों ने अनुरोध किया था।
प्रस्ताव में उचित, व्यवस्थित और न्यायसंगत तरीके से ऊर्जा प्रणालियों में जीवाश्म ईंधन से दूरी बनाकर दूसरा तरीका अपनाने तथा इस महत्वपूर्ण दशक में कार्रवाई में तेजी लाने का आह्वान किया गया है।
यह परिवर्तन इस तरह से होगा कि दुनिया 2050 में निवल शून्य (नेट जीरो) ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल कर ले और जलवायु विज्ञान के निर्देशों का पालन करे।
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