विदेश की खबरें | कराची हमले पर यूएनएससी का बयान जारी करने में विलंब पाकिस्तान को ‘संदेश’ देने के लिए हुआ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. कराची में हाल में हुए आतंकी हमले की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान को अमेरिका और जर्मनी ने दो बार रोका था क्योंकि वे पाकिस्तान द्वारा इस घटना के लिए भारत को दोष देने तथा प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा ओसामा बिन लादेन को ‘शहीद’ बताने के कारण पाकिस्तान को ‘संदेश’ देना चाहते थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

संयुक्त राष्ट्र, दो जुलाई कराची में हाल में हुए आतंकी हमले की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान को अमेरिका और जर्मनी ने दो बार रोका था क्योंकि वे पाकिस्तान द्वारा इस घटना के लिए भारत को दोष देने तथा प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा ओसामा बिन लादेन को ‘शहीद’ बताने के कारण पाकिस्तान को ‘संदेश’ देना चाहते थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

पाकिस्तान के कराची में 29 जून 2020 को हुए आतंकी हमले की निंदा करने वाला बयान 15 सदस्यीय संरा सुरक्षा परिषद ने बुधवार को जारी किया था।

यह भी पढ़े | PUBG पर पाकिस्तान में अस्थायी रूप से लगा प्रतिबंध, गेम खेलने वालों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बताया हानिकारक.

इस बयान का मसौदा पाकिस्तान के सहयोगी चीन ने तैयार किया था और इसे मौन प्रक्रिया के तहत लाया गया था जिसमें यदि कोई सदस्य तय समयावधि के भीतर आपत्ति नहीं जताता है तो प्रस्ताव को स्वीकार्य मान लिया जाता है।

सबसे पहले इस मौन प्रक्रिया को जर्मनी ने भंग किया जिससे बयान जारी करने में विलंब हुआ। तब इसकी समयसीमा बढ़ाकर एक जुलाई सुबह दस बजे (स्थानीय समयानुसार) की गई।

यह भी पढ़े | अमेरिकी प्रतिनिधि जलमय खलीलजाद ने अफगान शांति प्रक्रिया पर पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी संग की वार्ता.

इसके बाद, दूसरी बार मौन प्रक्रिया को अमेरिका ने भंग किया जिससे बयान जारी करने में और भी विलंब हुआ।

सूत्रों के मुताबिक यह विलंब पाकिस्तान को यह ‘‘संदेश’’ देने के लिए किया गया कि यह संभव नहीं है कि एक ओर वह अलकायदा के पूर्व प्रमुख और भयावह आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को ‘‘शहीद’’ कहे और कराची हमले में भारत का नाम घसीटें, वहीं दूसरी ओर अपने यहां हुए हमले के लिए स्पष्ट निंदा की उम्मीद करे।

कराची में हुए आतंकवादी हमले से जोड़ने पर भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को कड़ा जवाब दिया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कड़े शब्दों में कहा था कि पाकिस्तान अपनी घरेलू समस्याओं का दोष भारत पर नहीं मढ़ सकता है और पाकिस्तान की तरह भारत को कराची समेत दुनियाभर में कहीं भी हुई आतंकवादी घटना की निंदा करने में कोई संकोच नहीं होता है।

इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद में दिए गए बयान में लादेन को ‘शहीद’ कहा था।

सूत्रों के मुताबिक परिषद के सभी सदस्य इस बात पर सहमत थे कि एक ओर वैश्विक आतंकी को ‘शहीद’ कहना और दूसरी ओर आतंकी घटना की साफतौर पर निंदा की उम्मीद करना, यह साथ-साथ नहीं चल सकता।

सूत्रों ने बताया कि बयान जारी करने में देरी की वजह यह संदेश देना था कि ‘आपको इनमें से एक को छोड़ना होगा’। उन्होंने कहा कि यह ‘‘संदेश उन तक पहुंच गया है’’ और इन चीजों को लेकर वह गैरजिम्मेदार नहीं हो सकते।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\