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रक्षा मंत्री ने रणनीतिक मार्ग का उदघाटन किया

परियोजना 'हीरक' के मुख्य अभियंता विमल गोस्वामी ने बताया कि इस काफिले में चार छोटे वाहन और सीमा सडक संगठन (बीआरओ) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के कुछ वाहन शामिल थे ।

रक्षा मंत्री ने रणनीतिक मार्ग का उदघाटन किया
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सिंह ने पिथौरागढ़ से गुंजी तक नौ वाहनों के काफिले को रवाना कर 75.54 किलोमीटर सड़क को खोले जाने की घोषणा की ।

परियोजना 'हीरक' के मुख्य अभियंता विमल गोस्वामी ने बताया कि इस काफिले में चार छोटे वाहन और सीमा सडक संगठन (बीआरओ) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के कुछ वाहन शामिल थे ।

सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस मार्ग के बन जाने से तवाघाट के पास मांगती शिविर से शुरू होकर व्यास घाटी में गुंजी और सीमा पर भारतीय भूभाग में स्थित भारतीय सुरक्षा चौकियों तक के 80 किलोमीटर से अधिक के दुर्गम हिमालयी क्षेत्र तक पहुंचना सुलभ हो गया है ।

केंद्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले साल इस मार्ग को अप्रैल 2020 तक पूरा करने की घोषणा की थी।

गोस्वामी ने बताया कि बूंदी से आगे तक का 51 किलोमीटर लंबा और तवाघाट से लेकर लखनपुर तक का 23 किलोमीटर का हिस्सा बहुत पहले ही निर्मित हो चुका था लेकिन लखनपुर और बूंदी के बीच का हिस्सा बहुत कठिन था और उस चुनौती को पूरा करने में काफी समय लग गया ।

इस सड़क का निर्माण 2008 में शुरू हुआ था और उसे 2013 तक पूरा होना था लेकिन नजांग और बूंदी गांव के बीच बहुत कठिन क्षेत्र होने के कारण इसमें विलंब होता चला गया ।

सड़क का उदघाटन होने के बाद लिपुलेख दर्रे के जरिए होने वाली कैलाश—मानसरोवर यात्रा भी श्रद्धालुओं के लिये बहुत सुविधाजनक हो जाएगी जो दर्शन करने के बाद एक दिन में ही भारत लौट सकते हैं ।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2020 04:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).