देश की खबरें | आंध्र में लोगों में गहरी निराशा के कारण कांग्रेस के बेहतर भविष्य की संभावना मौजूद : राहुल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आंध्र प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक भविष्य की ‘बेहतर गुंजाइश' देखते हुए वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि राज्य में व्यापक निराशा का माहौल है, इससे पार्टी के अभ्योदय का बेहतर भविष्य दिख रहा है।
अडोनी (आंध्र प्रदेश), 19 अक्टूबर आंध्र प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक भविष्य की ‘बेहतर गुंजाइश' देखते हुए वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि राज्य में व्यापक निराशा का माहौल है, इससे पार्टी के अभ्योदय का बेहतर भविष्य दिख रहा है।
गांधी ने अतीत में जाने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी दिलचस्पी केवल भविष्य में है, क्योंकि वह ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को आंध्र प्रदेश में कांग्रेस को पुन:स्थापित करने के लिए ‘एक बहुत अच्छा प्रारंभिक बिंदु’ के तौर पर देखते हैं।
उन्होंने यहां मीडिया से कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश में तीन दल राजनीतिक पार्टी कम, निगमों/व्यवसायों की तरह अधिक हैं। उन्हें एक कॉरपोरेट पहचान के आधार पर एक प्रणाली पर चलाया जा रहा है।’’
गांधी ने कहा कि आंध्र प्रदेश में व्यापक निराशा का माहौल है और इससे राज्य में पार्टी के अभ्योदय की बेहतर गुंजाइश नजर आ रही है।
उनकी यात्रा को राज्य में मिली ‘जबरदस्त प्रतिक्रिया’ के मद्देनजर केरल के वायनाड से सांसद गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी के नेता भी ‘लोगों से मिल रही प्रतिक्रिया और उनके उत्साह’ से काफी हतप्रभ थे।
जब उनसे यह पूछा गया कि एकीकृत आंध्र प्रदेश के विभाजन के परिणामस्वरूप तेलंगाना के पृथक राज्य बनने के बाद शेष आंध्र में कांगेस की राजनीतिक उपस्थिति को वह किस प्रकार से देख रहे हैं, इस पर गांधी ने केवल इतना कहा, ‘‘मुझे यहां अतीत में जाने में कोई दिलचस्पी नहीं है।’’
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में संभावित राजनीतिक गठजोड़ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह स्थानीय नेताओं को तय करना है, क्योंकि यह उनका (गांधी का) अधिकार क्षेत्र नहीं है।
एक अन्य सवाल पर कि आवश्यक होने पर केंद्र में सरकार बनाने के लिए क्या कांग्रेस सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस का समर्थन मांगेगी, गांधी ने इस सवाल का जवाब पार्टी के नए अध्यक्ष पर छोड़ दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘ये अब कांग्रेस अध्यक्ष को जवाब देने वाले सवाल हैं। ये मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं, मेरे फैसले लायक नहीं हैं।’’
उन्होंने आंध्र प्रदेश की तीन-तीन राजधानियों के वर्तमान सरकार के प्रस्ताव को असंवेदनशील या निष्प्रभावी विचार करार दिया।
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