खेल की खबरें | ओलंपिक पदकधारी को हराकर दीपक विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचे

ताशकंद, सात मई तेजी से उभरते हुए भारतीय मुक्केबाज दीपक भोरिया ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए रविवार को यहां विश्व चैंपियनशिप के 51 किग्रा प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के तोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता सकेन बिबोसिनोव को हराया।

  पहले दो राउंड में बंटे हुए फैसले से पीछे चल रहे दीपक अंतिम तीन मिनट में शानदार प्रदर्शन करते हुए बाउट रिव्यू के बाद विजेता बनकर उभरे। दीपक को इस टूर्नामेंट में विश्व चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता अमित पंघाल की जगह चुना गया था।

भारतीय खिलाड़ी ने 2021 विश्व चैंपियन बिबोसिनोव के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल में 5-2 से जीत दर्ज की।

दो बार के राष्ट्रमंडल पदक विजेता मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) ने रूस के एडवर्ड सविन पर 5-0 से जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में जगह बनायीं।

दीपक ने बाउट की शुरुआत थोड़े धीमे तरीके से की लेकिन उन्होंने जल्दी ही लय हासिल कर ली। उन्होंने विरोधी मुक्केबाज को  कुछ अच्छे पंच लगाये लेकिन 2-3 से पिछड़ गये।

दूसरे दौर में भी पिछड़ने के बाद दीपक ने तीसरे दौर में लय हासिल की और प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को कुछ दमदार मुक्के जड़कर जजों को प्रभावित किया।

दीपक ने यादगार जीत दर्ज करने के बाद कहा, ‘‘ मेरा लक्ष्य बाउट की शुरुआत से ही धैर्य के साथ खेलना और अधिक से अधिक अंक जुटाना था। पहले दो दौर कठिन थे लेकिन मैंने संयम बनाये रख था और आक्रमण करने के लिए सही समय का इंतजार कर रहा था।’’

  दूसरी ओर हुसामुद्दीन ने अपनी बाउट की शुरूआत से ही दबदबा बनाये रखा। उन्होंने रूस के खिलाड़ी को तीनों दौर में पछाड़कर सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की।

सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए उन्हें दूसरी वरीयता प्राप्त अजरबैजान के उमिद रूस्तामोव की चुनौती से पार पाना होगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)